कोरोना वायरस का प्रभाव संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण पर, जाने हो सकता है यह बड़ा परिवर्तन

कोरोना वायरस का प्रभाव संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण पर, जाने हो सकता है यह बड़ा परिवर्तन

कोरोना वायरस का प्रभाव संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण पर भी पड़ सकता है. सरकार विभिन्न मंत्रालयों से जुड़ी अनुदान मांगों को पारित कराने के बाद सत्र को समय से पहले ही समाप्त करने पर शिद्दत से विचार कर रही है.

 सरकार की योजना 16 मार्च को गिलोटिन ला कर इसकेअगले दिन सभी अनुदान मांगों को पारित कराने की है. इसके बाद सरकार सत्र को तय समय से पहले समाप्त करने पर विपक्ष से वार्ता करेगी.

लोकसभा की काम मंत्रणा समिति से जुड़े एक वरिष्ठ मेम्बर के मुताबिक सत्र का कामकाज जल्द निपटाने के लिए ही स्पीकर ने बृहस्पतिवार को साप्ताहांत पर कार्य करने का प्रस्ताव रखा था. सरकार की योजना सभी छह मंत्रालयों से जुड़ी अनुदान मांगों को दोनों सदनों में पारित करा कर सत्र को समाप्त करने की है.

अब 16 मार्च को गिलोटिन आने के बाद 17 मार्च तक लोकसभा मे सभी अनुदान मांगे पारित होंगी. इसके अगले दिन राज्यसभा में सभी अनुदान मांगों को पारित कराने की योजना है.

क्यों है चिंता?

दरअसल इस समय कोरोना वायरस ने देश के कई राज्यों में घुसपैठ कर ली है. इसमें केरल सर्वाधिक प्रभावित प्रदेश है. संसद के कार्यवाही के दौरान विभिन्न राज्यों के सांसद यहां आते हैं. बृहस्पतिवार को कोरोना पर चर्चा के दौरान केरल के कई सांसदों ने अपने अपने संसदीय क्षेत्र में कोरोना प्रभावित लोगों के होने की जानकारी दी.  

इसके अतिरिक्त देश के सभी हिस्सों से लोग सदन की कार्यवाही देखने या अन्य कार्यों से संसद भवन आते हैं. ऐसे में संसद परिसर में भी कोरोना वायरस के फैलने का खतरा उपस्थित है.

बरते गए कई एहतियात

हालांकि एहतियात बरतते हुए संसद भवन में दर्शकों के प्रवेश की संख्या बेहद सीमित कर दी गई है. दर्शक दीर्घा के पास भी बहुत कम बन रहे हैं. संसद भवन में प्रवेश केलिए बनने वाले विभिन्न स्तरीय पास को भी नियंत्रित किया गया है.