कोरोना का कहर: राज्य में लगने जा रही धारा 144

कोरोना का कहर: राज्य में लगने जा रही धारा 144

कोरोना वायरस ने दुनियाभर में एक बार फिर तबाही मचानी शुरू कर दी है। अमेरिका समेत कई देशों में कोरोना संक्रमण से हालत बेहद खराब हो चुके हैं। इसके बाद ही भारत में दिल्ली समेत कई राज्यों में एक बार फिर कोरोना तेजी से फैल रहा है। राजधानी दिल्ली में कोरोना ने विकराल रूप ले लिया है। यहां हाल के दिनों प्रतिदिन 6 हजार से ज्यादा नए मामले आ रहे हैं।

कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए कई राज्यों ने अभी सतर्कता बरतनी शुरू दी है। कई राज्यों ने स्कूलों को खुलने की तारीख को आगे बढ़ा दिया है, तो वहीं कई राज्यों ने एक बार नाइट कफ्र्यू का ऐलान कर दिया है। अब इस बीच राजस्थान ने बड़ा फैसला लिया है। राजस्थान के सभी जिलों 21 नवंबर से धारा 144 लागू होगी।

प्रदेश की गहलोत सरकार ने राज्य के सभी जिला मजिस्ट्रेट को 21 नवंबर से धारा-144 लगाने की शक्ति प्रदान की है। गृह विभाग के ग्रुप-9 ने सभी जिला मजिस्ट्रेट को परमार्श जारी किया है। जिला मजिस्ट्रेट की शक्ति 18 नवंबर को धारा-144 समाप्त होने के साथ ही समाप्त हो गई थी। जिला मजिस्ट्रेट लंबे समय तक राज्य सरकार के परामर्श से ही धारा-144 लगा सकता है।

एक साथ 4 लोग से ज्यादा नहीं हो सकते इकट्ठा
राजस्थान में धारा-144 लागू होने के बाद एक जगह पर 4 लोगों से ज्यादा के एक जगह इकट्ठा नहीं हो सकते। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना के तेजी से फैल रहे संक्रमण को देखते हुए लोगों से बड़ी संख्या में एक जगह एकत्र नहीं होने की अपील की है। प्रदेश की सरकार ने यह फैसला जनहित में लिया है। गहलोत ने सभी से अपील है कि इसका पालन करें। सरकार बल प्रदर्शन की बजाय चाहती है कि इसका पालन करने में जनता आगे बढ़कर सहयोग करे।

दीपावाली के दौरान बाजारों में लोगों की भीड़ सामान खरीदने के लिए उमड़ी थी। इसके बाद कोरोना संक्रमित होने के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते दो-तीन दिनों से प्रदेशभर में औसतन दो से ढाई हजार से बीच कोरोना सक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं। इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने जिला कलक्टर्स को यह परामर्श जारी किया है।


किसानों से बातचीत से पहले PM मोदी की बड़ी बैठक

किसानों से बातचीत से पहले PM मोदी की बड़ी बैठक

नई दिल्ली: केंद्रीय सरकार द्वारा लाये गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली बॉर्डर पर आज 10वें दिन भी जमे हुए हैं। सरकार और किसानों के बीच हो चुकी दो बार की वार्ता फेल हो चुकी है जिसका कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। इस बीच गृहमंत्री अमित शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे। शनिवार को किसान संगठनों के साथ अगले दौर की बैठक से पहले ये बड़ी मीटिंग हुई। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी मौजूद हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी पहुंचे।

दोपहर 2 बजे किसानों के साथ एक बैठक
पीएम मोदी के साथ किसान आंदोलन को लेकर गृहमंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल की बैठक करीब 11:40 बजे खत्म हो गई। यह बैठक करीब दो घंटे चली। बैठक से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज दोपहर 2 बजे किसानों के साथ एक बैठक निर्धारित है। मुझे बहुत उम्मीद है कि किसान सकारात्मक सोचेंगे और अपना आंदोलन समाप्त करेंगे।

आज की बैठक में किसानों की शंकाओं को दूर किया जाएगा-कैलाश चौधरी
केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि केंद्र के साथ आज की बैठक में किसानों की शंकाओं को दूर किया जाएगा। हाल की बैठकों में, कुछ मुद्दों को स्पष्ट किया गया था। यह विपक्ष की राजनीति है, वे विरोध-प्रदर्शन को और भड़का रहे हैं. बैठक फलदायी होगी और हमें उम्मीद है कि किसान विरोध वापस लेंगे।

सरकार, तीन काले कानूनों को वापस ले-रामपाल जाट
दूसरी ओर किसान महापंचायत के नेता रामपाल जाट ने कहा कि सरकार को तीन काले कानूनों को वापस लेने की घोषणा करनी चाहिए और उसे लिखित में देना होगा कि एमएसपी जारी रहेगी। अगर आज की वार्ता से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकलता है, तो राजस्थान के किसान एनएच-8 के साथ दिल्ली की ओर मार्च करेंगे और जंतर मंतर पर डेरा डालेंगे।

किसान कृषि कानून वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर ठोस भरोसा चाहते हैं। केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की बात तो नहीं मान रही है लेकिन किसानों की कुछ ऐसी मांग हैं जिनपर वह राजी होती दिखाई दे रही है।

 किसानों का चिल्ला बॉर्डर (दिल्ली-नोएडा लिंक रोड) पर भी प्रदर्शन जारी
अभी फिलहाल किसानों का चिल्ला बॉर्डर (दिल्ली-नोएडा लिंक रोड) पर भी प्रदर्शन जारी है। एक किसान ने कहा कि अगर सरकार के साथ बातचीत में आज कोई नतीजा नहीं निकला तो फिर संसद का घेराव करेंगे। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बॉर्डर पर पिछले नौ दिन से डटे हुए हैं और उनके प्रदर्शन का 10वां दिन है। तमाम मसलों को लेकर दो बार केंद्र सरकार के साथ चर्चा हुई है। मगर अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आाया है।


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