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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी किया अपना वचन पत्र

भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी अपना वचन पत्र मंगलवार दोपहर जारी किया इसमें युवा, स्त्री एवं किसानों पर ध्यान दिया गया स्त्रियों के लिए प्रियदर्शिनी नाम से अलग से प्रविधान किए गए हैं पार्टी की तरफ से घोषित गारंटियों को सम्मिलित करते हुए वचन पत्र को आखिरी रूप दिया गया है इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला तथा वचन पत्र समिति के अध्यक्ष डा राजेंद्र कुमार सिंह, दिग्विजय सिंह, कांतिलाल भूरिया, विवेक तन्खा सहित अनेक नेता पीसीसी कार्यालय में मौजूद हैं

प्रदेश कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष कमल नाथ ने पार्टी के वचन पत्र विमोचन के अवसर पर बोला कि कांग्रेस पार्टी का चुनाव में नारा रहेगा ‘कांग्रेस आएगी खुशहाली लाएगी’ कांग्रेस पार्टी गवर्नमेंट ढाई हजार रुपए प्रति क्विंटल धान तथा गेहूं ₹2600 क्विंटल की रेट पर खरीदेंगे उपज का 3000 की क्विंटल देने का मिशन 2 रुपये किलो की रेट से गोबर खरीदा जाएगा नंदिनी योजना शुरू  होगी 2 लाख पदों पर भर्ती की जाएगी युवा स्वाभिमान योजना प्रारंभ होगी 1500 से 3000 रुपये तक दिए जाएंगे 25 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा तथा 10 लाख रुपए का हादसा बीमा देंगे स्वास्थ्य का अधिकार कानून बनाया जाएगा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना 1200 रुपये प्रतिमाह की जाएगी मेरी बेटी योजना में 251000 रुपये दिए जाएंगे आईपीएल में मध्य प्रदेश की टीम बने, इसकी प्रयास की जाएगी आउटसोर्सिंग कर्मचारी के साथ इन्साफ होगा

वही इससे पहले प्रदेश कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राजीव सिंह ने कहा कि वचन पत्र में स्त्रियों के लिए जो प्रविधान किए गए हैं, उन्हें अलग से प्रियदर्शिनी नाम से प्रदर्शित किया गया है पार्टी ने स्त्रियों को डेढ़ हजार रुपये प्रतिमाह तथा 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर देने का घोषणा किया है 1 करोड़ से अधिक बिजली कंज़्यूमरों को 100 यूनिट बिजली मुफ़्त तथा 200 यूनिट आधी रेट पर देने, कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू करने, किसानों को ऋण माफी देने, 5 हार्सपावर तक के कृषि पंप के लिए निःशुल्क बिजली, पुराने बिजली बिल की माफी, सिंचाई के लिए 12 घंटे बिजली देने, पुराने प्रकरणों की वापसी, स्कूली बच्चों को प्रतिमाह 500 से 1,500 रुपये देने के लिए पढ़ो पढ़ाओ योजना, आदिवासियों के ऊपर दर्ज प्रकरणों की वापसी, 50 फीसदी से अधिक जनसंख्या वाली आदिवासी बहुल क्षेत्रों को छठवीं अनुसूची में सम्मिलित करने, OBC को 27 प्रतिशत आरक्षण का फायदा दिलवाने तथा गवर्नमेंट में आने पर जाति आधारित गणना कराने की गारंटी भी दी गई है

 

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