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गर्भपात कराने के लिए मजबूर करने के आरोप में कांग्रेस पार्षद के खिलाफ मामला दर्ज

शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पुलिस ने एक किशोरी के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने और उसे गर्भपात कराने के लिए विवश करने के इल्जाम में एक कांग्रेस पार्टी पार्षद के विरुद्ध मुद्दा दर्ज किया है अधिकारी ने कहा कि पिछोर कस्बे के आरोपी सागर घावरी (30) ने कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का वीडियो बनाया और वीडियो प्रसारित करने की धमकी देकर लड़की का उत्पीड़न किया

अधिकारी ने कहा कि घावरी कथित तौर पर चार महीने की गर्भवती लड़की को गर्भपात के लिए 25 सितंबर को पड़ोसी शहर यूपी में ले गया पुलिस के अनुविभागीय अधिकारी (SDOP) प्रशांत शर्मा ने बोला कि जब लड़की घर नहीं लौटी, तो उसके माता-पिता ने क्षेत्रीय पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई उसके वापस आने के बाद, पुलिस ने उसकी कम्पलेन पर कार्रवाई की और बुधवार को घावरी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (IPC) के अनुसार दुष्कर्म और किडनैपिंग और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के अनुसार FIR (पहली सूचना रिपोर्ट) दर्ज की

अधिकारी ने बोला कि जब क्राइम किया गया था तब शिकायतकर्ता नाबालिग थी, लेकिन FIR दर्ज करने के समय वह 18 वर्ष की थी उन्होंने कहा कि पार्षद की गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है इस बीच, मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी कमेटी (MPCC) ने घावरी को छह वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है एक बयान में, पार्टी के उपाध्यक्ष (संगठन) राजीव सिंह ने बोला कि घावरी के कृत्यों ने पार्टी की प्रतिष्ठा को हानि पहुंचाया है और इसलिए, उन्हें छह वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जा रहा है

बता दें कि, हाल ही में उज्जैन में हुई दुष्कर्म की वीभत्स घटना को लेकर कांग्रेस पार्टी लगातार राज्य की शिवराज गवर्नमेंट पर निशाना साध रही है कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस घटना को धर्म से जोड़ते हुए बोला था कि, “महाकाल नगरी उज्जैन के महाकाल थाना क्षेत्र में ही बच्ची से हवस का महापाप’ वहीं, कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर बोला था कि, मध्य प्रदेश में 12 वर्षीय बच्ची के साथ हुआ भयावह अपराध, हिंदुस्तान माता के दिल पर आघात है’ राहुल ने बोला था कि,’ न इन्साफ है, न कानून प्रबंध और न अधिकार – आज, मध्य प्रदेश की बेटियों की स्थिति से पूरा राष्ट्र शर्मसार है मगर, प्रदेश के सीएम और राष्ट्र के पीएम में एकदम लज्जा नहीं है – चुनावी भाषण, खोखले वादों और झूठे नारों के बीच बेटियों की चीखें उन्होंने दबा दी हैं’ वहीं, प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी नाबालिग बच्ची के दुखद दुश्कर्म पर राजनीति की थी, उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि, ”ये है मध्य प्रदेश की कानून प्रबंध और स्त्री सुरक्षा? बीजेपी के 20 वर्ष के कुशासन तंत्र में बच्चियां, महिलाएं, आदिवासी, दलित कोई सुरक्षित नहीं है लाडली बहना के नाम पर चुनावी घोषणाएं करने का क्या फ़ायदा है, यदि बच्चियों को सुरक्षा और सहायता तक नहीं मिल सकती?”

ऐसे में ये प्रश्न उठता है कि, क्या राहुल, प्रियंका, सुरजेवाला जैसे कांग्रेस पार्टी नेता इस मुद्दे पर भी कुछ बोलेंगे, जहाँ उनकी ही पार्टी के नेता ने एक नाबालिग का दुष्कर्म किया है, उसका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया है, और जबरन उसका गर्भपात भी करवाया है फ़िलहाल, आरोपी कांग्रेस पार्टी पार्षद सागर घावरी फरार कहा जा रहा है क्या कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता यहाँ पीड़िता से जाकर मुलाकात करेंगे ? क्योंकि, इस मुद्दे पर बड़े नेताओं की खामोशी से यही सन्देश जाएगा कि, कांग्रेस, दुष्कर्म के मामलों पर सिर्फ़ राजनीति करती है, बेटियों के प्रति उसे कोई सहानुभूति नहीं है क्योंकि बीते दिनों 19 सितंबर को कांग्रेस पार्टी शासित राजस्थान में ही एक बलात्कार पीड़िता ने फांसी लगाकर ख़ुदकुशी कर ली थी, वो कई दिन तक SP ऑफिस के सामने भूखे-प्यासे धरना देती रही, लेकिन उसे इन्साफ नहीं मिला और अंततः उसने खुदकुशी कर ली लेकिन, इस मुद्दे पर किसी भी बड़े नेता ने दुःख नहीं जताया, कोई कांग्रेस पार्टी नेता पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा

मणिपुर की जिस अमानवीय घटना को पार्टी ने पुरजोर ढंग से उठाया था, वो सराहनीय था, लेकिन वैसी ही घटना जब राजस्थान में घटी, तो पार्टी नेताओं के मौन पर प्रश्न उठे वहीं, 3 अगस्त को राजस्थान में एक 14 वर्षीय बच्ची का 3 बार दुष्कर्म कर उसे जिन्दा ही ईंट भट्टी में डालकर जिन्दा जला दिया गया था इस वीभत्स मुद्दे पर भी कांग्रेस पार्टी नेताओं की खामोशी से प्रश्न उठे थे कि, क्या राष्ट्र की सबसे पुरानी पार्टी बहन-बेटियों की जलती चिताओं को सिर्फ़ राजनितिक रोटियां सेंकने के लिए इस्तेमाल करती है क्योंकि, बेटी मणिपुर की हो, राजस्थान की हो, या मध्य प्रदेश की…, बेटियां सिर्फ़ बेटियां होती हैं, उनके विरुद्ध होने वाले हर क्राइम को समान दृष्टि से देखा जाना चाहिए और आरोपियों को कठोर से कठोर सजा मिलनी चाहिए राजनीति करने के लिए मामले और भी हैं, उसके लिए बेटियों को मोहरा न बनाया जाए, यदि कुछ किया जाए तो उन्हें इन्साफ दिलाया जाए

 

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