राष्ट्रीय

BJP के संकल्प पत्र पर Congress ने साधा निशाना

भारतीय जनता पार्टी द्वारा रविवार को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए जारी किए गए ‘संकल्प पत्र’ पर कांग्रेस पार्टी ने निशाना साधा है. एआईसीसी मुख्यालय में एक प्रेस कांफ्रेंस कर कांग्रेस पार्टी नेताओं पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत और अमिताभ दुबे ने बीजेपी के घोषणापत्र पर तंज कसा है. पवन खेड़ा ने भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ पर चुटकी लेते हुए बोला कि यमराज की असत्य पकड़ने वाली मशीन की घंटी सुबह से बज रही थी क्योंकि आज बीजेपी का घोषणापत्र जारी होने वाला था. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी बोला कि बीजेपी के घोषणापत्र का नाम ‘संकल्प पत्र’ नहीं बल्कि ‘माफ़ीनामा’ होना चाहिए.

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने यमलोक की घटना का जिक्र करते हुए प्रेस कांफ्रेंस की आरंभ की और कहा, ‘यमराज ने एक मशीन बनाई थी. जब भी कोई असत्य बोलता था, उस मशीन की घंटी बजने लगती थी. आज सुबह से वह मशीन बंद ही नहीं हो रही है. सुबह से टन-टन-टन बजे जा रही है. यमराज बहुत चिंतित हुए और उन्होंने चित्रगुप्त को बुलाया और बोला कि ये घंटी बंद क्यों नहीं हो है. चित्रगुप्त ने बोला कि महाराज, आज मोदी जी का संकल्प पत्र जारी होने वाला है.

उन्होंने आगे कहा, ‘ये स्थिति एक पीएम की हो गयी, एक ऐसे नेता की हो गयी, जो 10 वर्ष से पीएम है. इस ‘संकल्प पत्र’ या फिर ‘मोदी की गारंटी पत्र’ जो भी ये नाम देना चाहे, हमें इस नाम से घोर विरोध है, इसका नाम ‘माफीनामा’ होना चाहिए और माफीनामे में ये तो वैसे भी एक्सपर्ट है. इन्हें दलितों से माफी मांगनी चाहिए थी, किसानों से माफी मांगनी चाहिए थी, नौजवानों, जो बेरोजगार हैं, उनसे माफी मांगनी चाहिए थी, अग्निवीर के जवानों से मांगनी चाहिए थी, अंकिता भंडारी के परिवार से माफी मांगनी चाहिए थी, आदिवासियों से माफी मांगनी चाहिए थी. लोगों की थालियों में ताक-झांक की आदत प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की है ही, यदि गरीब की ताली को देख लेते तो आज स्वयं उसको माफी पत्र कहते माफीनामा कहते.

भाजपा के 2014 के घोषणापत्र का जिक्र करते हुए पवन खेड़ा ने कहा, ‘2014 के घोषणापत्र में नरेंद्र मोदी जी ने वादा किया था कि स्पेशल टास्कफोर्स बनाकर ब्लैक मनी वापस लाएंगे, लेकिन हुआ क्या इलेक्टोरल बॉन्ड आ गया. नार्थ ईस्ट में कानून प्रबंध मजबूत करेंगे, लेकिन आज मणिपुर में अत्याचार जारी है, जिसपर पीएम मोदी खामोशी साधे हुए हैं. स्पेशल पैकेज से 100 जिलों की गरीबी दूर करेंगे, लेकिन हंगर इंडेक्स के आंकड़े पोल खोलते हैं. 100 नयी स्मार्ट सिटी बनाएंगे, लेकिन चीन सीमा पर स्मार्ट गांव बसा रहा है. नरेंद्र मोदी के इन वादों से जनता ऊब चुकी है और बहुत गुस्साए है.

 

Related Articles

Back to top button