देश के कई राज्‍यों में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट

देश के कई राज्‍यों में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट

भारी बारिश की तगड़ी मार झेल रहे मध्‍य प्रदेश को पांच दिनों तक कोई बड़ी राहत नहीं मिलने वाली है। मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट के मुताबिक कम दबाव का एक क्षेत्र उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों पर बरकरार है। यही नहीं मानसूनी ट्रफ रेखा गंगानगर, नारनौल, उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव के क्षेत्र के केंद्र से गुजरती हुई वाराणसी, गया, बांकुरा के साथ दक्षिण पूर्व की ओर बंगाल की उत्तरपूर्वी खाड़ी की ओर जा रही है। इसकी वजह से अगले पांच दिनों तक मध्य प्रदेश में व्यापक बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी में कहा गया है कि बाढ़ की तगड़ी मार झेल रहे मध्‍य प्रदेश को अगले पांच दिनों तक मध्य प्रदेश में बारिश से निजात नहीं मिलने वाली है। यही नहीं अगले 24 घंटे के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हालांकि बाद में इसमें कमी आती जाएगी। यही नहीं पश्चिम बंगाल में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। अगले 24 घंटे में ओडिशा और झारखंड जबकि 07 से 09 अगस्त के दौरान बिहार के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।


मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी में यह भी कहा गया है कि पूर्वोत्‍तर राज्यों में नौ अगस्‍त तक कहीं-कहीं मूसलाधार के साथ व्यापक बारिश होने की संभावना है। इसमें 10 अगस्त से और इजाफा होने की संभावना है। यही नहीं अगले पांच दिनों के दौरान उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। इसी अवधि के दौरान इन क्षेत्रों में अलग-अलग भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। नौ अगस्‍त तक राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में छिटपुट बारिश हो सकती है।


मौसम विभाग ने कहा है कि पांच और छह अगस्‍त को पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। उत्तरी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर जहां बारिश की संभावना है 10 तारीख तक हल्‍की बारिश जारी रह सकती है। अगले चार से पांच दिनों के दौरान प्रायद्वीपीय भारत और इससे सटे पूर्वी मध्य भारत (ओडिशा को छोड़कर) महाराष्ट्र और गुजरात में कम बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। वहीं मौसम का पूर्वानुमान जारी करने वाली एजेंसी स्‍काईमेट वेदर की रिपोर्ट के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और झारखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है। 


कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग (EUA) की मंजूरी जल्द ही मिलने  की उम्मीद है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री डा भारती प्रवीण पवार ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि उम्मीद है कि डब्लूएचओ जल्द ही कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देगा। इससे पहले खबर सामने आी थी कि भारत के इस टीके को 5 अक्टूबर तक आपात उपयोग के लिए डब्लूएचओ से मंजूरी मिलने की संभावना है।

वैक्सीन विकसित करने वाली कंपनी भारत बायोटेक वैक्सीन की सुरक्षा और क्लीनिकल ट्रायल का ​​​​डेटा और जोखिम प्रबंधन योजनाओं और अन्य कार्यान्वयन विचारों पर एक प्रजेंनटेशन देगी। कंपनी ने हाल ही में कहा था कि उसने आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए कोवैक्सीन से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को सौंप दिया है और वैश्विक उससे प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है।


कोवैक्सीन तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में 77.8 प्रतिशत की प्रभावी पाया गया था। इसे हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट की ऑफ वायरोलाजी (NIV) के सहयोग से विकसित किया था। भारत बायोटेक ने कहा था कि आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए ट्रायल से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है और संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी स्पष्टीकरणों का जवाब भी दे दिया गया है।

कोवैक्सीन उन टीकों में शामिल है, जिसका इस्तेमाल भारत में कोरोना टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा कोवीशील्ड नाम से विकसित आक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन और रुस की वैक्सीन स्पुतनिक v का इस्तेमाल टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। डब्लूएचओ ने अब तक फाइजर/बायोएनटेक,आक्सफोर्ड/ एस्ट्राजेनेका, जानसन एंड जानसन, माडर्ना और सिनोफार्म द्वारा निर्मित कोविड -19 के टीकों को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है।