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36 घंटे बाद आज बरीघाट पहुंचेगी पानी, यूपी के मुख्यमंत्री ने डॉ. मोहन यादव को भेजा पत्र

शहर के बरीघाट फिल्टर प्लांट का जल संकट दूर करने एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के क्योलारी डैम से पानी छोड़ा गया. लगभग 36 घंटे बाद आज नदी का पानी बरीघाट पहुंचेगा. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के सीएम ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम पत्र भेजा है.

दरअसल, बरीघाट में जामनी नदी का पानी रोकने स्टॉपडेम बनाया गया है, लेकिन पानी स्टोरेज की क्षमता कम होने के कारण गर्मियों के दिनों में हर वर्ष जल संकट के हालात पैदा हो जाते हैं. इस बार भी 15 मई के बाद बारीघाट फिल्टर प्लांट के पास नदी का जलस्तर तेजी से घटने लगा था.

समस्या से निपटने के लिए टीकमगढ़ कलेक्टर ने उत्तर प्रदेश के ललितपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर जमडार नदी पर बने क्योलारी डैम से पानी छोड़े जाने की मांग की थी. इसके बाद केंद्रीय मंत्री चिकित्सक वीरेंद्र कुमार ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था. इसके बाद भी जब पानी नहीं छोड़ा गया तो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से टेलीफोन पर बात की थी.

इसके बाद बुधवार देर रात क्योलारी डैम से पानी छोड़ा गया. 24 घंटे बाद गुरुवार रात पानी कुंडेश्वर पहुंचा और आज बरीघाट फिल्टर प्लांट तक पानी पहुंच जाएगा. जिससे आनें वाले एक महीने तक जल संकट की परेशानी का निवारण हो जाएगा. इस बीच यदि अच्छी बारिश हुई तो अभी जल संकट इस वर्ष के लिए टल जाएगा.

0.72 एमसीएम पानी छोड़ा

यूपी के क्योलारी डैम से 0.72 एमसीएम पानी छोड़ा गया है. इस संबंध में उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मप्र के मुख्यमंत्री को पत्र जारी किया है. जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से बोला है कि बरीघाट में केवल 1 एमसीएम पानी स्टोर करने की क्षमता है. जिसके कारण जल संकट के हालात पैदा हुए. उन्होंने बोला है कि केवल इस बार पानी छोड़ा जा रहा है.

स्टोरेज क्षमता बढ़ाने पर ध्यान नहीं

बरीघाट फिल्टर प्लांट के पास पानी की स्टोरेज क्षमता बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. पिछले 15 वर्षों के दौरान फिल्टर प्लांट से जल सप्लाई लगभग दोगुनी हो गई है, लेकिन पानी की स्टोरेज क्षमता को नहीं बढ़ाया गया है. जिसके कारण हर वर्ष गर्मियों के दिनों में जल संकट के हालात पैदा हो जाते हैं.

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