महाराष्ट्र व गुजरात के तटीय जिलों में किया गया NDRF की 34 टीमों को तैनात, जाने यह बड़ा कारण

महाराष्ट्र व गुजरात के तटीय जिलों में किया गया NDRF की 34 टीमों को तैनात, जाने यह बड़ा कारण

अरब सागर के ऊपर बन रहा चक्रवाती तूफान निसर्ग (Nisarga) महाराष्ट्र व गुजरात के तटीय जिलों में बुधवार को दस्तक दे सकता है, जिसे देखते हुए राष्ट्रीय आपदा रिएक्शन बल (NDRF) की 34 टीमों को तैनात किया गया है।

एनडीआरएफ के महानिदेशक एस। एन। प्रधान ने मंगलवार को बोला कि 34 टीमों में से 16 गुजरात में, 15 महाराष्ट्र में, दो दमन एवं दीव, व एक दादरा एवं नगर हवेली में तैनात किया गया है। उन्होंने बोला कि ज्यादातर टीमों को अरब सागर से लगे तटीय जिलों में तैयान किया गया है।

एस। एन। प्रधान ने कहा, 'हमने इलाकों से समय पर लोगों को खाली करवाने व प्रदेश की एजेंसियों के साथ समन्वय के लिए 34 टीमें तैनात कर रखी हैं। जागरूकता अभियान प्रारम्भ हो चुका है। एनडीआरएफ की एक टीम में 45 कर्मी होते हैं'

प्रधान ने आगे बोला कि महाराष्ट्र व गुजरात के अनुरोध पर एनडीआरएफ की अलावा टीमें भेजी गई हैं।

एनडीआरएफ ने कुछ टीमों को बिल्कुल तैयार भी रखा हुआ है, जो चरम स्थिति में मदद मुहैया कराएंगी। प्रधान ने कहा, "हालांकि यह कोई गंभीर तूफान नहीं है, फिर भी सभी एहतियात बरते जा रहे हैं।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले देश का पूर्वी तट तूफान अम्फान से बुरी तरह प्रभावित हुआ था व अब पश्चिमी तट पर अरब सागर के ऊपर चक्रवात निसर्ग बन रहा है। वैसे निसर्ग एक डिप्रेशन के रूप में मुंबई से 490 किलोमीटर, गोवा की राजधानी पणजी से 280 किलोमीटर व गुजरात के सूरत से 710 किलोमीटर दूर है। हिंदुस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने बोला है कि डिप्रेशन मंगलवार प्रातः काल 5.30 बजे एक गहरे डिप्रेशन में बदल गया।

आईएमडी ने बोला कि चक्रवाती तूफान बुधवार को रायगढ़ जिले में हरिहरेश्वर व दमन के बीच उत्तर महाराष्ट्र व गुजरात तटों को पार करेगा।

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बोला कि गंभीर चक्रवाती तूफान तीन जून को जब तट को पार करेगा तब हवा की गति 90-105 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

1961 के बाद तीन जून को महाराष्ट्र से टकराने वाला निसर्ग पहला चक्रवात होगा। चक्रवाती तूफा मुंबई व महाराष्ट्र, गुजरात और पड़ोसी राज्यों के अन्य तटीय जिलों को प्रभावित करेगा।