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कांग्रेस ने खाद्य वस्तुओं की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

Congress accuses Prime Minister Narendra Modi: कांग्रेस ने खाद्य वस्तुओं की कीमतों को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र गवर्नमेंट पर निशाना साधा और कटाक्ष करते हुए बोला कि ‘मोदी है तो महंगाई है.’ पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने इल्जाम लगाया कि पीएम नरेन्द्र मोदी के पास महंगाई से जुड़े संकट का कोई निवारण नहीं है.

खाद्य उत्पादों की कीमतों में हल्की कमी आने से खुदरा मुद्रास्फीति मई के महीने में एक वर्ष के निचले स्तर 4.75 फीसदी पर आ गई और यह आरबीआई के संतोषजनक दायरे में बनी रही. बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति में जनवरी से ही जारी गिरावट का सिलसिला मई में भी कायम रहा.

महंगाई रेट 8.69 फीसदी : राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, मई में खाद्य वस्तुओं की महंगाई रेट 8.69 फीसदी रही जो अप्रैल के 8.70 फीसदी से थोड़ा ही कम है. रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि मोदी है तो महंगाई है. चार महीनों से खाद्य मूल्य मुद्रास्फीति 8.5 फीसदी से अधिक है. दालों की महंगाई रेट पिछले एक साल में लगातार दोहरे अंक में है, जो 10 फीसदी से ज़्यादा है. मई में कीमतें 17.14 फीसदी बढ़ी हैं.

कांग्रेस ने याद दिलाया वादा : उन्होंने बोला कि कांग्रेस पार्टी के इन्साफ पत्र में हमने महंगाई और विशेष रूप से दालों की परेशानी के निवारण के लिए दो तरीका करने का वादा किया था. हमने स्वामीनाथन आयोग के फॉर्मूले द्वारा निर्धारित मूल्य के साथ दालों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी की बात की थी क्योंकि इससे दालों की घरेलू खेती को बढ़ावा मिलेगा.

रमेश के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में दालों को शामिल करने की बात की गई थी क्योंकि ऐसा करने से गरीबों के खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ेगी और उन्हें महंगाई से भी बचाया जा सकेगा. उन्होंने इल्जाम लगाया कि ‘एक तिहाई प्रधानमंत्री’ के पास इस संकट का कोई निवारण नहीं है.

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