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World Hearing Day 2024: कानों की समस्या को लेकर क्या कहते हैं विशेषज्ञ…

World Hearing Day: कान हमारे शरीर के सबसे जरूरी अंगों में से एक हैं क्या आप जानते हैं कि कान केवल सुनने में ही नहीं बल्कि शरीर के संतुलन को ठीक बनाए रखने में भी जरूरी किरदार निभाते हैं लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण कान से संबंधित समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है पिछले कुछ सालों में कम उम्र के लोगों में कम सुनाई देने या बहरापन की परेशानी बढ़ने के मुद्दे अधिक देखे जाते रहे हैं

स्वास्थ्य जानकार कहते हैं, गड़बड़ दिनचर्या और ईयरफोन्स के बढ़ते इस्तेमाल के कारण कान की दिक्कतें भी काफी बढ़ती जा रही हैं इसको लेकर सभी उम्र के लोगों को सावधानी बरतते रहने की जरूरत है

कानों की समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य जानकारों ने बड़ी जानकारी दी है चिकित्सक कहते हैं, कानों की रोग उन लोगों में तेजी से बढ़ती हुई देखी जा रही है जो अक्सर कान से मैल निकालते रहते हैं बार-बार कानों की सफाई करते रहने की आदत इस नाजुक अंग को न केवल गंभीर क्षति पहुंचा सकती है, साथ ही कुछ स्थितियों में बहरेपन का भी कारण बन सकती है हर वर्ष 3 मार्च को विश्व श्रवण दिवस मनाया जाता है, आइए जानते हैं कि कानों की परेशानी को लेकर जानकार क्या कहते हैं?

कानों की सफाई पड़ न जाए भारी

स्वास्थ्य जानकार कहते हैं, कान के मैल को हटाने के लिए रुई के फाहे, ईयर पिक, पेन या उंगलियों का इस्तेमाल करना कई प्रकार से नुकसानदायक हो सकता है, इससे सुनने की क्षमता में कमी आ सकती है एसोसिएशन ऑफ ओटोलरींगोलॉजिस्ट (एओआईएनटी सर्जन) द्वारा आयोजित एक कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारों ने बोला कि शहर में हर महीने सैकड़ों ऐसे मुद्दे सामने आते हैं, जहां लोग अनजाने में अपने कानों को हानि पहुंचा चुके होते हैं चिकित्सक कहते हैं, हमें कानों को अनावश्यक रूप से साफ करते रहने वाली आदत से बचना चाहिए

जाने-अनजाने कान को पहुंचा सकते हैं नुकसान

स्वास्थ्य जानकारों ने बताया, इंसानों के कान में सेल्फ क्लीनिंग तंत्र होता है इसलिए आपको नियमित रूप से इसे साफ करते रहने की जरूरत नहीं होती है ईयरवैक्स या सेरुमेन, धूल और गंदगी के विरुद्ध कान के पर्दों और आंतरिक हिस्सों के लिए एक प्राकृतिक रक्षक के रूप में कार्य करते हैं इसे निकालते रहने से धूल और गंदगी सीधे कान के भीतर जाने का जोखिम रहता है

इसके अतिरिक्त अनुचित रूप से सफाई करते रहने से कई बार अनजाने में वैक्स कान की गहराई तक चले जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप पर्दों पर दबाव बढ़ जाता है इस स्थिति में सुनने की क्षमता कम होने, कान में दर्द और संक्रमण का खतरा हो सकता है गंभीर स्थितियों में ये बहरेपन जैसी परेशानी को भी बढ़ाने वाली हो सकती है

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अमर उजाला से वार्ता में पुणे स्थित ईएनटी जानकार डॉ प्रशांत श्रीवास्तव बताते हैं, हर महीने पांच-छह मुद्दे प्रकाश में आते हैं जिन्होंने जाने-अनजाने स्वयं से ही कानों को क्षति पहुंचा ली होती है हमें लगता है कि कान का वैक्स निकालने से कान साफ होता है पर यह भी समझना महत्वपूर्ण है कि यही वैक्स धूल और अन्य चीजों को कान के भीतर जाने से बचाते हैं कुछ लोगों के ईयर कैनल की बनावट थोड़ी टेढ़ी होती है जिससे सफाई के लिए ईयर पिक जैसी चीजों के इस्तेमाल से कान की आंतरिक मांसपेशियों को क्षति पहुंचने का जोखिम हो सकता है

कान साफ कराना चाहते हैं तो किसी जानकार से मिलकर अच्छे से जांच कराएं और उनकी राय पर ही किसी ढंग को प्रयोग में लाना चाहिए ईयरफोन्स के बढ़ते इस्तेमाल से भी कानों को हानि पहुंच रहा है, इससे भी बचाव किया जाना महत्वपूर्ण है

कानों में ऑयल डालने से बचें

डॉक्टर कहते हैं, एक बात का और भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है बच्चों के कान में सरसों या किसी भी ऑयल डालने से बचना चाहिए कान में ऑयल डालने से कोई लाभ नहीं होता है इसके उल्टा इससे संक्रमण होने का खतरा बढ़ सकता है कान में किसी भी चीज को डालने से बचें ये संवेदनशील अंग है जिसमें थोड़ी सी असावधानी से भी जोखिमों के बढ़ने का खतरा रहता है, इसलिए सतर्कता बरतते रहना जरूरी है

कान में कुछ समय से दर्द या कोई अन्य परेशानी है तो बिना जानकार की राय के किसी भी दवा या ड्रॉप डालने से भी बचना चाहिए, इससे भी हानि हो सकता है

 

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