8 मार्च को महिला दिवस पर स्त्रियों को मिला यह बड़ा सम्मान

 8 मार्च को महिला दिवस पर स्त्रियों को मिला यह बड़ा सम्मान

एक स्त्री आज के जमाने में क्या नहीं कर सकती. ऐसी कौन सी बाधा है, जिसे आज की स्त्रियों ने पार नहीं किया? 8 मार्च को महिला दिवस के उपलक्ष्य में आज महिला शक्ति को समर्पित एक खास आयोजन होने जा रहा है.

 स्त्रियों को समर्पित इस दिन में उन्हें उनके खास होने का अनुभव कराया जाता है. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर उर्वशी डांस म्यूजिक आर्ट एंड कल्चरल सोसाइटी की तरफ से एक खास आयोजन हो रहा है. इस मौके पर कथक डांस बैले की प्रस्तुति होगी, जिसमें संस्थान के कई मेम्बर भाग लेंगे. इस प्रोग्राम का नाम ‘काल शक्ति’ रखा गया है.

इसके पीछे की कहानी के बारे में संस्था की प्रेसीडेंट डाक्टर रेखा मेहरा कहती हैं, ‘काल शब्द का अर्थ है समय, अंधकार या शून्यता. इसीलिए एक शब्द में तीनों का वर्णन किया गया है. वहीं  शक्ति की महत्वाकांक्षा व एक असमान संसार के किस्मत को बदलना आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है. काल शक्ति नर व नारी दोनों में है.  
आज के समय में, क्रोध, असमानता व निराशा के इस वातावरण में हमने इस बात को दोबारा समझाने की प्रयास की है कि शक्ति चाहे तो क्या नहीं कर सकती है. हमारे इस प्रोग्राम में हमने उस शक्ति की बात की है, जो शिव में कहीं समाहित है. शिव को अद्र्धनारीश्वर बोला जाता है, चूंकि वह शिव-शक्ति का प्रतीक हैं. हमने अपने कथक बैले में आरंभ भी इसी से की है. हमने  पार्वती को सती के रूप में दर्शाया है. कैसे वह अपने व अपने पति के अपमान से क्रोधित होती हैं व फिर अग्नि में सती हो जाती हैं. शिव इससे क्रोधित हो जाते हैं व हाहाकार मच जाता है. या जब असुरों का विनाश करने के लिए काली जन्म लेती हैं.’

उन्होंने बताया कि आज भी समाज में ऐसी महिलाएं हैं, जो कई चीजों से संकोच करती हैं. वे आगे आने में घबराती हैं. स्त्रियों को यह बताना महत्वपूर्ण है कि वह हर रूप में शक्ति हैं. उन्हें आशा है कि उनके इस प्रोग्राम को लोग पसंद करेंगे. कल यानी  8 मार्च को यह प्रोग्राम मंडी हाउस स्थित कमानी ऑडिटोरियम में शाम 6:30 बजे से होगा.