किसी भी शुभ कार्य के लिए जाने से पहले क्यों खिलाया जाता है दही-शक्कर?

किसी भी शुभ कार्य के लिए जाने से पहले क्यों खिलाया जाता है दही-शक्कर?

किसी भी शुभ काम को करने से पहले दही-शक्कर खानें को शुभ माना जाता है। दही को सुपर फ़ूड कहा जाता है। कहा जाता है की इसे खाने के बाद इंसान जिस भी काम के लिए जा रहा है वो जरूर पूरा होगा। नव दंपति के जीवन की शुरुआत अगर दही-चीनी खिला कर हो तो उनके जीवन में वैसी ही मिठास बनी रहती है। 

क्यों खिलाया जाता है दही-शक्कर

ज्योतिष के अनुसार दही का सफेद रंग चन्द्रमा का कारक माना जाता है। चन्द्रमा मन को शांत और स्थिर बंनाने वाला ग्रह होता है इसलिए उसे मजबूत बंनाने के लिए दही खाना चाहिए। ज्योतिष मानता है कि सफेद चीज घर से खा कर जब कोई निकलता है तो उसका मन एकाग्र होता है।


इसमें कैल्शियम, विटमिन बी-2, बी-12, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे अहम विटमिन्स और मिनरल्स से भरी होने के साथ पाचन में बहुत अच्छी होती है इसमें पाया जाने वाला नेचुरल  लैक्सेटिव सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। 


दही जब चीनी के साथ मिल जाता है तो ये एनर्जी देने का काम करता है क्योंकि चीनी ग्लूकोज में तब्दील हो जाती है।


आपके हाथों में भी बनते हैं ऐसे निशान तो आप जल्द ही बन सकते हैं लखपति

आपके हाथों में भी बनते हैं ऐसे निशान तो आप जल्द ही बन सकते हैं लखपति

इंसान अपनी हर इच्छाओं की पूर्ति करना चाहता है जिसके लिए पैसों की जरूरत होती है। हर इंसान की धनवान बनने की चाहत होती है। क्या आप जानते है कि धनवान बनने के लिए हमारे हाथ की हथेली में भी कई राज छुपे होते है। आज हम आपको हाथों में छुपे उसी राज का जानकारी देने जा रहे हैं। जिससे आप धनवान बन सकते है।

जल्द ही बन सकते हैं लखपति:

अगर आपकी हथेली कलश बना हो तो धनवृद्ध‌ि योग कहलाता है। ज‌िनकी हथेली में यह योग बनता है उनका धन न‌िरंतर बढ़ता रहता है। ऐेसे लोगों के पास अच्छी जमा पूंजी होती है।

अगर आपके हाथों में गुरू पर्वत ऊंचा हो और इसी पर जीवन रेखा से न‌िकलकर एक रेखा पहुंच रही हो। चन्द्र पर्वत से न‌िकलकर एक रेखा बुध पर्वत पर जाए जो सूर्य पर्वत पर पहुंचने वाली रेखा से म‌िलती हो तब एक अच्छा धन योग बनता है।

शन‌ि पर्वत पर चक्र का न‌िशान होना बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है। इसे चक्र योग कहते हैं। ऐसे व्यक्त‌ि बहुत ही धनवान और उच्च अध‌िकारी होते हैं।

हथेली में जीवन रेखा और चन्द्र पर्वत के मध्‍य में त‌िल का न‌िशान होना बहुत शुभ माना गया है। इस न‌िशान का मतलब है क‌ि भाग्यशाली, गुणवान और ख्यात‌ि प्राप्त व्यक्त‌ि होंगे।