जाने क्या है मानसिक समस्याओं के लक्षण

जाने क्या है मानसिक समस्याओं के लक्षण

कोविड-19 (Covid 19) से संक्रमित लोगों के लिए अपनी नॉर्मल जिंदगी में लौटने की डगर मुश्किल है। क्योंकि इस दौरान आपको न सिर्फ थकान, सांस लेने में परेशानी व अन्य शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, बल्कि मनोवैज्ञानिक कारकों से भी निजात पानी होगी।

 जुलाई 2020 में द लांसेट न्यूरोलॉजी में छपी स्टडी में अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन की तरफ से बोला गया है कि जिन लोगों को कोरोना वायरस का छोटी संक्रमण भी हुआ है, उन्हें दिमागी स्वास्थ्य से जुड़े बदलावों से गुजरना पड़ता है।

इसे भी चक्कर आना, सिरदर्द, संज्ञानात्मक क्षमता कम हो जाना, एकाग्रता की कमी, स्मृति व चीजों को याद रखना, ब्रेन फॉग जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार जब आप कोविड-19 से उबर रहे होंगे तब यह समस्याएं कुछ हफ्तों या महीनों में अपने आप दूर हो जाएंगे, लेकिन कुछ लोगों में यह लक्षण ज्यादा वक्त तक भी रहे सकते हैं। इन समस्याओं का आपके रिश्ते, दैनिक कार्यों व व्यावसायिक ज़िंदगी पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए महत्वपूर्ण है कि आप व आपके करीबी लोग इन समस्याओं की गंभीरता को समझें।
डब्ल्यूएचओ ने सुझाव दिया है कि आप व आपके परिवारजन अटेंशन, याददाश्त व सोच को लेकर आ रही इन कठिनाइयों को गंभीरता से लें व निम्न रणनीति के तहत इनसे निपटें -

1. ज्यादा उम्मीदें न पालें – किसी भी रोग से उबरने के दौरान याददाश्त व एकाग्रता को लेकर समस्याएं आना आम बात है। इसलिए आप पहले की तरह अपना कार्य नहीं कर पा रहे हैं या याद नहीं रख पा रहे हैं तो इसके लिए खुद को ना कोसें। अपने दिमाग व शरीर को पूरी तरह से उबरने के लिए उचित समय दें।

2. दिमागी एक्सरसाइज़ करें – अपने दिमाग को फिर से दौड़ाने के लिए कुछ खास तरह के खेल खेलें, जिसमें पजल्स, वर्ड गेम्स, नंबर गेम्स, मेमोरी अभ्यास व पढ़ने की आदत डालें। आरंभ में हल्के दिमागी खेल खेलें, जिन्हें सुलझाना सरल हो व फिर धीरे-धीरे मुश्किल पहेलियों की तरफ बढ़ें।

3. खुद को प्रेरित करें - ब्रेन फॉग के कारण होने कि सम्भावना है आप अपनी कई दैनिक गतिविधियों को भूल जाएं। इसलिए लिस्ट व नोट्स बनाएं, अलार्म लगाएं व रिमाइंडर के जरिए भी खुद को उन गतिविधियों के लिए प्रेरित करें। इससे आपको एक दिनचर्या बनाने में सहायता मिलेगी, ताकि आप सामान्य ज़िंदगी में सरलता से लौट सकें।

4. शारीरिक व्यायाम करें – अगर आपको थकान व सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो अभ्यास करना कठिन होने कि सम्भावना है। लेकिन धीरे-धीरे अभ्यास की गति बढ़ाएं, इससे आपको अपनी नॉर्मल जीवन में लौटने में सरलता होगी।

5. छोटे-छोटे टुकड़ों में याद रखें – बहुत सी बातों पर एक साथ ध्यान लगाना कठिन भरा होने कि सम्भावना है। इसलिए काम को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट लें व एक समय पर एक ही हिस्से पर कार्य करें। ऊपर बताए गए प्रेरित करने वाले स्टेप्स यहां उपयोगी साबित हो सकते हैं।

6. खुद की गति को समझें – धीरे आरंभ करें। आप तेजी के साथ अपने पुराने रुटीन में वापस नहीं लौट सकते, खासतौर पर कोविड-19 जैसी खतरनाक रोग के बाद तो यह बहुत कठिन है। अपनी पुरानी गतिविधियों में धीरे-धीरे फिर से शामिल हों व अगर यह बेहद लगे तो गति को व धीमा कर लें, किसी जानकार से सलाह लें।

7. दूसरों की सहायता लें – जिन लोगों के साथ आप ज़िंदगी साझा करते हैं उनसे सहायता लेने में कोई बुराई नहीं है। बल्कि इससे आपकी रिकवरी व भी सरल हो जाएगी। भावनात्मक रूप से भी आपको परेशानियों से नहीं गुजरना पड़ेगा। अगर आपके परिवारजन व दोस्त आपकी सहायता करना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करने दें। आपको पहले की तरह पूरी तरह से ज़िंदगी में लौटने में ये लोग सहायता कर सकते हैं व आपके तनाव को कम कर सकते हैं।