यहां जाने शीघ्रपतन (शीघ्र स्खलन) के प्रकार

यहां जाने शीघ्रपतन (शीघ्र स्खलन) के प्रकार

स्खलन का अर्थ है लिंग के माध्यम से शरीर से वीर्य का स्राव होना। शीघ्र स्खलन या शीघ्रपतन (प्रिमेच्यूर ईजॅक्युलेशन या पीई) वह स्थिति है जिसमें किसी पुरुष का संभोग के दौरान उसके साथी की तुलना में शीघ्र ही स्खलन हो जाता हैI

कभी-कभी शीघ्र स्खलन को तेजी से स्खलन, समय से पहले चरमोत्कर्ष या जल्दी स्खलन के रूप में भी जाना जाता है। सामान्यतः पीई चिंता का कारण नहीं है। लेकिन अगर यह संभोग को कम आनंददायक बनाता है व आपके साथी के साथ रिश्तों पर असर डालता है तो यह निराशाजनक होने कि सम्भावना है। ऐसा अक्सर होता है व समस्याएं बढ़ती जाती हैं क्योंकि आपके साथी की संभोग संतुष्टि एक स्वस्थ व खुशनुमा ज़िंदगी के लिए आवश्यक हैं।

30% से अधिक पुरुष कभी न कभी समय से पहले स्खलन से पीड़ित हुए है। यह आदमी के आत्मसम्मान को प्रभावित करता है व पार्टनर को असंतुष्ट छोड़ देता है। इस समस्या को अक्सर मनोवैज्ञानिक माना जाता है, लेकिन कुछ बायोलॉजिकल कारक भी हो सकते है। स्खलन केंद्रीय तंत्रिका तंत्र द्वारा नियंत्रित किया जाता है। जब पुरुष यौन उत्तेजित होते हैं, तो इशारा आपके रीढ़ की हड्डी व मस्तिष्क में भेजे जाते हैं। जब पुरुष उत्तेजना के एक निश्चित स्तर तक पहुँचते हैं, तब इशारा आपके दिमाग से आपके प्रजनन अंगों को भेजे जाते हैं। इससे लिंग (स्खलन) के माध्यम से वीर्य स्राव किया जा सकता है।

शीघ्रपतन (शीघ्र स्खलन) के प्रकार -

लाइफलांग (प्राथमिक) शीघ्र स्खलन:- इस प्रकार का शीघ्र स्खलन आपके ज़िंदगी के पहले यौनिक सम्पर्क से लेकर जीवनभर या लगभग हमेशा होता है।

अर्जित (माध्यमिक) शीघ्र स्खलन:- आपको बिना किसी समस्या के पूर्व यौन अनुभव के बाद अगर शीघ्र स्खलन की समस्या होती है तो उसे अर्जित या अक्वायर्ड शीघ्र स्खलन कहते हैं।

शीघ्रपतन (शीघ्र स्खलन) के लक्षण - शीघ्र स्खलन के निम्नलिखित प्रमुख लक्षण हैं:-

एक तेज उत्तेजना, स्तंभन व स्खलन प्रक्रिया।

स्खलन आमतौर पर उत्तेजना के कुछ सेकंड या मिनट के भीतर हो जाता है। हालांकि, सभी यौन स्थितियों में शीघ्र स्खलन की समस्या हो सकती है, हस्तमैथुन के दौरान भी। बहुत से पुरुषों का मानना ​​है कि उनको समयपूर्व स्खलन के लक्षण हैं, लेकिन वे लक्षण समयपूर्व स्खलन के लिए निर्धारित ​​मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं। इसके बजाय इन पुरुषों को प्राकृतिक बदलाव वाला समयपूर्व स्खलन होने कि सम्भावना है, जिसमें तीव्र स्खलन के साथ-साथ सामान्य स्खलन की अवधि भी शामिल है।