अधिक सामाजिक लोग रहते हैं ज्यादा खुश, जाने यह बड़ी खबर

अधिक सामाजिक लोग रहते हैं ज्यादा खुश, जाने यह बड़ी खबर

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण संसार के कई राष्ट्रों ने खुद को लॉकडाउन कर दिया है। हिंदुस्तान भी उन्हीं राष्ट्रों में शुमार है। लॉकडाउन के कारण लोग अपने-अपने घरों में बंद है। 

इस गम्भीर वक्त में जो लोग अपने परिवार के साथ हैं उनका वक्त तो ठीक गुजर रहा है, लेकिन जो परिवार के बिना रह रहे हैं उन्हें कई तरह की मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कुछ लोग इसे समय को अकेले रहकर एन्जॉय कर रहे हैं। अगर आप भी अकेले रहना पसंद करते हैं व खुद से साथ वक्त बीताने से आपको खुशी मिलती है तो आपका दिमाग बाकि लोगों से ज्यादा तेज है।

अधिक सामाजिक लोग रहते हैं ज्यादा खुश

जी हां, अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग अधिक सामाजिक होते हैं, वह अन्य लोगों से अधिक खुश रहते हैं। सामाजिकता के दायरे में रिश्ते, दोस्ती व लोगों के साथ समय बिताना हमें आनंदित करता है। लेकिन असल में अत्यधिक बुद्धिमान होने की स्थिति में यह बात गलत लगती है। यदि ऐसा है तो, दोस्तों के साथ सामाजिकता आपके ज़िंदगी में संतुष्टि के स्तर को बढ़ावा नहीं देती है।

इन लोगों पर किया गया अध्ययन

शोधकर्ताओं ने 18 से 28 साल के बीच के करीब 150 लोगों पर अध्ययन किया। इसमें उन्होंने अधिकांश लोगों को सामाजिक रूप में पाया। वहीं शोधकर्ताओं ने अधिक बुद्धिमान वर्ग के लोगों को इससे अलग रखा।

शोध में पाया गया कि जिन लोगों ने अधिक सामाजिकरण किया, वह उतने ही कम खुश थे। शोधकर्ताओं ने अपने स्पष्टीकरण में पाया कि अधिक बुद्धिमान लोग आधुनिक संसार में खुद को सरलता से ढाल लेते हैं। एक अन्य सिद्धांत के अनुसार आप जितना होशियार होंगे, आप भविष्य में अपने लक्ष्य के प्रति ज्यादा समय तक केंद्रित रहेंगे।

अकेले रहने के फायदे

- अकेले रहने वाले आत्मविश्वास बहुत ज्यादा पाया जाता है। अकेले रहने वाले लोगों की सोच भी पॉजिटिव रहती है।

- अकेले रहने वाले लोग कभी इस बात की परवाह नहीं करते हैं कि आखिरकार संसार उनके बारे में क्या सोचेगी।

- कई शोध में यह बात सामने आई है कि अकेले रहने वाले लोग अपने ज़िंदगी को भरपूर जीते हैं।

- अकेले रहने वाले इमोशनली बहुत ज्यादा स्ट्रांग माने जाते हैं।