तुलसी के पत्तों से ऐसे खुल सकते हैं आपकी किस्मत के बंद दरवाज़े

तुलसी के पत्तों से ऐसे खुल सकते हैं आपकी किस्मत के बंद दरवाज़े

लगभग हर हिंदू घर में तुलसी का पौधा पाया जाता है। तुलसी के पत्ते का इस्तेमाल न सिर्फ पूजा-पाठ के लिए किया जाता है बल्कि यह कई प्रकार की बीमारियों को भी दूर भगाने में समर्थ होता है। शुभ कार्य के दौरान लोग तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल करते हैं। पूजा-पाठ और स्वास्थ्य के अलावा भी तुलसी के पत्तों का बहुत महत्व होता है। घर में चल रही परेशानियों से तुलसी के कुछ पत्ते आपको छुटकारा दिला सकते हैं।

इन परेशानियों से छुटकारा दिला सकते हैं तुलसी के 5 पत्ते:

घर में कलेश :

घर में कलेश होने पर भी तुलसी का पत्ता बेहद काम आता है। जिन पति-पत्नी या कपल्स की आपस में नहीं बनती और छोटी-छोटी बात पर लड़ाई होती रहती है। उन्हें तुलसी के केवल 5 पत्ते हमेशा अपने पास रखने चाहिए। 

मन की मुराद पूरी :

यदि आप अपने मन की कोई मुराद पूरी करना चाहते हैं तो तुलसी के 5 पत्ते को एक लाल कागज़ में लपेटकर अपने पूजा घर में रख दें और डेली इसकी पूजा करें। कुछ ही दिनों में आपको फर्क दिखेगा। पैसों से जुड़ी दिक्कतें भी दूर होने लगेंगी।

नकरात्मक शक्ति का प्रभाव :

यदि आपको लग रहा है कि आपके घर में किसी नकरात्मक शक्ति का प्रभाव है तो आपको सिर्फ सोते वक़्त अपने तकिये के नीचे तुलसी के 5 पत्ते रखने हैं। ऐसा करने पर मौजूद नकरात्मक शक्तियां वहां से चली जाती हैं।


मनाली-शिमला समेत कई टूरिस्ट प्लेस में बर्फबारी शुरू, अटल टनल से ट्रैफिक की आवाजाही रोकी गई

मनाली-शिमला समेत कई टूरिस्ट प्लेस में बर्फबारी शुरू, अटल टनल से ट्रैफिक की आवाजाही रोकी गई

हिमाचल प्रदेश में पिछले सप्ताह से लगातार बर्फबारी हो रही है। पहाड़ों पर ताजा बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश से पूरे प्रदेश में सर्दी बढ़ गई है। इससे लोगों की जिंदगी में तकलीफें बढ़ी हैं, लेकिन शिमला, कुफरी और नारकंडा में टूरिस्ट की आमद में भारी इजाफा होने की उम्मीद है।

मशहूर टूरिस्ट प्लेस मनाली, सोलंगनाला, फातरू, कोठी, गुलाबा, पलचान और जलोड़ी दर्रा में सर्दी की पहली बर्फबारी हुई। शिमला के कुफरी और नारकंडा में भी बर्फबारी शुरू हो चुकी है। कुल्लू समेत कई जिलों में बर्फबारी के कारण रोडवेज के बस रूट प्रभावित हुए हैं। लाहौल-स्पीति में सड़कें बंद हैं। इसके बावजूद यह बर्फबारी 4 महीने से सुस्त चल रहे पर्यटन कारोबार को रफ्तार देगी।

अटल टनल से सभी वाहनों की आवाजाही बंद
लाहौल-स्पीति और कुल्लू की पहाड़ियों में लगातार बर्फबारी जारी है। इस वजह से लाहौल-स्पीति जिले के लिए अटल टनल रोहतांग के रास्ते वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। SP मानव वर्मा के मुताबिक, बर्फबारी होने के कारण मनाली-केलांग के बीच ट्रैफिक बंद कर दिया गया है। इस समय ये रास्ते वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित नहीं है।

किसानों और बागवानों को फायदा
बर्फबारी और बारिश से किसान और बागवान भी खुश हैं। ये काफी समय से सूखे की मार झेल रहे हैं। मौसम में बदलाव से सेब सहित गुठली वाले फलों को संजीवनी मिली है। वहीं, निचले इलाकों में गेहूं की फसल को बारिश से फायदा मिलेगा।

कुफरी-जलोड़ी दर्रा में देखने लायक नजारा
प्रदेश में न्यूनतम तापमान भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस गिरा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को कई जगह बर्फ गिरने और बारिश का अनुमान जताया है। मनाली में सीजन की पहली बर्फ गिर चुकी है। केलांग में आधा फीट तक बर्फ गिरी है। मनाली, सोलंगनाला, फातरू, कोठी, गुलाबा, पलचान और जलोड़ी दर्रा बर्फबारी के बाद देखने लायक हो गया है।

बारालचा, शिंकुला में दो फीट और रोहतांग में डेढ़ फीट बर्फ गिरी है। किन्नौर के अलावा अटल टनल रोहतांग के दोनों छोर पर भी हिमपात हुआ है। मौसम को देखते हुए पर्यटकों की आवाजाही सोलंगनाला से आगे बंद कर दी गई है।

मौसम ने परेशानी भी बढ़ाई
प्रदेश के मैदानी इलाकों में रविवार शाम और रात को बारिश हुई। चंबा में 21MM, मनाली में 5 और भुंतर में 4 MM पानी गिरा। बर्फबारी की वजह से प्रदेश की 12 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। 71 ट्रांसफॉर्मर खराब हो जाने से बिजली नहीं आ रही है। लाहौल-स्पीति में 65 ट्रांसफॉर्मर खराब हैं। बर्फबारी के बीच बिजली नहीं आने से लोग परेशान हैं।

कई इलाकों में सुबह से गिर रही बर्फ
सिरमौर के चूड़धार में ताजा बर्फबारी हुई है। किन्नौर के कल्पा, छितकुल, आसरंग, हांगो, चुलिंग, टाशीगंग में सुबह से ही बर्फ गिर रही है। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ, सांगला, स्पिलो, टापरी, भावानगर में रुक-रुक कर बारिश हुई है। ट्रैफिक पर इसके असर की अब तक कोई खबर नहीं है। पर्यटन कारोबार से जुड़े सचिन डोगरा और जीआर शर्मा उम्मीद जताई है कि इस बर्फबारी से कारोबार को रफ्तार मिलेगी।

ऊंचाई वाले इलाकों में लोगों को एहतियात बरतने की सलाह
खराब मौसम के मद्देनजर कुल्लू उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने स्थानीय लोगों और सैलानियों से एहतियात बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि बर्फबारी के दौरान वे ऊंचाई वाले इलाकों का रुख न करें और नदी-नालों से दूर रहें। रोजमर्रा के काम निपटाने के लिए जोखिम उठाने से बचें। टूरिस्ट ऊंचाई या बर्फबारी वाले एरिया में निजी वाहन से न जाएं। ट्रैकिंग रूटों पर जाने की भी कोशिश न करें।