कोरोना वायरस के कारण बिना श्रद्धालुओं के बनाया जाएगा यह त्यौहार

कोरोना वायरस के कारण बिना श्रद्धालुओं के बनाया जाएगा यह त्यौहार

कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण हिंदुस्तान में अपने पैर न पसार पाए इसके लिए सारे देश को लॉकडाउन (Lockdown) कर दिया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने देश की जनता से आग्रह किया है कि वो बिना कार्य के घर से बाहर न निकलें।

 कोरोना वायरस के कारण देश में कई जगहों पर शादियां व फंक्शन कैंसल हो गए हैं। वहीं, कोच्चि के एक चर्च ने 'होली वीक' को बिना किसी श्रद्धालु के मनाने का निर्णय लिया है।

होली वीक का होगा लाइव प्रसारण

सायरो-मालाबार चर्च ने बोला कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 5 अप्रैल से होली वीक का प्रार्थना संबंधी जश्न सादगी से व बिना किसी श्रद्धालु के मनाया जाएगा व साथ ही लॉकडाउन के कारण इसे लाइव दिखाया जाएगा। दरअसल ईसाई धर्म में ईस्टर से अच्छा पहले वाले सप्ताह को होली वीक बोला जाता है।

होली वीक में नहीं निभाई जाएगी रस्में!

चर्च ने कहा, हम पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किए गए 21 दिन के बंद में रह रहे हैं। प्रदेश सरकार व निकाय अधिकारियों द्वारा लागू की गई पाबंदियों को देखते हुए होली वीक का जश्न सीमित ढंग से मनाया जाएगा। चर्च के प्रमुख कार्डिनल जॉर्ज एलेंचेरी द्वारा जारी दिशा निर्देशों में बोला गया है, इस महामारी पर लगाम लगाने के लिए लोगों के एकत्रित होने व उनकी आवाजाही पर लगाई पाबंदियों के आधार पर ऐसा तय किया गया है कि होली वीक के रस्मों रिवाज बिना किसी श्रद्धालु की मौजूदगी के सारे किए जाएं।

जानें ईस्टर के बारे में खास बातें

- ईसाई धर्म की मान्यताओं के मुताबिक, ईस्टर शब्द का जन्म ईस्त्र शब्द से हुआ है।

- पुराने समय में किश्चियन चर्च ईस्टर रविवार को ही पवित्र दिन के रूप में मानते थे।

- जानकारी के मुताबिक, ईस्टर रविवार के पहले सभी चर्ज में रात को जागरण व तमाम धार्मिक परंपराएं पूरी की जाती हैं।

- इस दौरान मोमबत्तियां जलाकर प्रभु यीशु को याद किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन प्रभु यीशु खुद प्रकट होते हैं।