शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए करे इस खास ढंग के दूध का सेवन

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए करे इस खास ढंग के दूध का सेवन

इम्यूनिटी (Immunity) बढ़ाने के लिए आयुर्वेद (Ayurveda) में एक खास ढंग के दूध (Milk) के बारे में बताया गया है जिसका सेवन प्रातः काल के वक्त करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है व लोग कई तरह के वायरस (Virus) व रोगों से खुद को बचा सकते हैं।

 इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होने से शरीर से थकावट भी दूर हो जाती है। वहीं दूध पीने से शरीर में एनर्जी (Energy) बनी रहती है। आइए आपको इस दूध को पीने के फायदे व इसे बनाने का सरल ढंग के बारे में बताते हैं। किसी भी इंसान के चेहरे पर चमक दिखाना इस बात की ओर संकेत करता है कि आदमी स्वस्थ (Healthy) व खुश (Happy) है। किसी भी इंसान के चेहरे पर चमक तभी आती है, जब आदमी शारीरिक व मानसिक रूप से हेल्दी होता है। ये खास दूध लोगों के चेहरे की चमक को बढ़ाता है। जानें इस खास दूध के फायदों के बारे में।

आयुर्वेदिक दूध के फायदे

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। मेमोरी को बढ़ाता है, जिससे सीखने की क्षमता बढ़ती है।



यह पुरुषों की यौन क्षमता को बढ़ाता है। इसके साथ ही स्पर्म काउंट भी बढ़ाता है जिससे इंफर्टिलिटी दूर होती है।

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स्त्रियों की हड्डियों में होने वाली कमजोरी व पीरियड्स के समय होने वाली समस्याओं को दूर करता है।

स्कीन की चमक व निखार को बढ़ाने में मददगार होता है।

यह स्किन को टाइट बनाता है, जिससे बुढ़ापे के लक्षण जल्दी दिखाई नहीं देते हैं।

यह शरीर में ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, ब्लड की pH वैल्यू, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखता है, जिससे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट स्ट्रोक, खून की बीमारियां, पेट की समस्याएं, किडनी की समस्याएं व लिवर की समस्याएं दूर रहती हैं।

आयुर्वेदिक दूध बनाने की सामग्री
10 बादाम
3 खजूर
1 ग्लास गौ माता का दूध
4 चुटकी हल्दी, 2 चुटकी दालचीनी व 1 चुटकी इलायची पाउडर
1 चम्मच देसी घी
1 चम्मच शहद

आयुर्वेदिक दूध कैसे बनाएं?
इसे बनाने के लिए रात में 10 बादाम व 3 खजूर या छुआरे पानी में भिगोकर रख दें। अगर खजूर हैं, तो न भिगोएं, उन्हें सीधे प्रयोग कर सकते हैं। प्रातः काल बादामों का छिल लें व छुहारे के बीजों को निकालकर दोनों को पीस लें। फिर इस पेस्ट को गुनगुने दूध में मिलाकर इसमें हल्दी, दालचीनी व इलायची पाउडर डालें। अब इसमें 1 चम्मच घी डालें व अच्छी तरह से मिलाकर प्रातः काल खाली पेट पिएं।

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ध्यान रखें ये बातें
इस दूध का सेवन आपको प्रातः काल खाली पेट करना है। आप चाहें तो रात में सोने से पहले भी इसे पी सकते हैं, लेकिन रात में आपको खाने व दूध के बीच में 2 घंटे का अंतर रखना होगा।

प्रातः काल दूध पीने के बाद 40 मिनट तक कुछ भी न खाएं।

दालचीनी की तासीर गर्म होती है इसलिए 2 चुटकी दालचीनी से ज्यादा न डालें।

अगर आप डायबिटीज के रोगी हैं, तो इस दूध को पीने से पहले एक बार चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

बाकी सभी लोगों के लिए ये दूध लाभदायक, सुरक्षित व बेहद लाभकारी है। इसे हर आयु के लोग पी सकते हैं।