बार - बार डकार आने से स्वास्थ्य को हो सकती है यह परेशानियाँ

बार - बार डकार आने से स्वास्थ्य को हो सकती है यह परेशानियाँ

खाना खाने के बाद डकार (Belching) आना आम बात है। लेकिन यही डकार घंटे भर में कई बार आती है तो इसकी अनदेखी करना आपके लिए ठीक नहीं होगा। डकार (Belching) को गई बार लोग यह कहकर अनदेखा कर देते हैं

कि ज्यादा खाना खाया है व टहलने नहीं गया इसलिए ऐसा हो रहा है,  लेकिन आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि यह वस्तु आपके लिए गंभीर समस्या खड़ी कर सकती है। इसलिए अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो समय रहते आपको चिकित्सक (Doctor) से सम्पर्क करना चाहिए। आइए आपको डकार आने के कारणों के बारे में बताते हैं।

डकार आने के कारण
– ज्यादा खाना
– पेट में इंफेक्शन होना
– बदहजमी
– समय पर खाना न खाना
– धूम्रपान करना
– टेंशन
– ज्यादा मसालेदार भोजन करना

डकार के कारण होने वाली बीमारियां
– डकार रोकने से हो सकती है श्वांस की रोग
– इससे शरीर में कंपन्न की रोग हो सकती है।
– पाचन तंत्र भी अच्छा से काम करना बंद कर सकता है।
– फेफड़ों की क्रिया भी धीमी पड़ सकती है, जिससे हर्ट बीट भी गड़बड़ा सकता है।
– शरीर में गैस बन सकता है जिससे सिर में दर्द आदि की भी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है।
– डकार रोकने से आपको पेट में भारीपन सा भी महसूस होने कि सम्भावना है।

इससे बचने के उपाय
– दिन भर हल्का-हल्का सेवन करें ताकि आपके शरीर में ज्यादा वायु या गैस न बनें।
– हल्का गुनगना पानी ही पिएं। ठंडा पानी बिल्कुल भी न पिएं।
– योगा से शरीर में गैस उत्पन्न नहीं हो पाता है।
– तला व भूना खाना खाने से बचें।

डकार को रोकने के घरेलू उपाय

पुदीने से ऐसे करें इलाज
डकार आने पर पुदीने का प्रयोग कर सकते हैं। असमें  मांसंपेशियों को आराम देने वाले गुण होते हैं जो पाचन मार्ग को राहत देता है व पेट में बनने वाली गैस को कम करता है। ये पित्त के प्रवाह में भी सुधार लाता है व पाचन को बेहतर करता है जिससे डकार कम आती है। इसके लिए एक चम्‍मच पुदीने की सूखी पत्तियां लें व उसे एक कप गर्म पानी में डालें। इसे 10 मिनट तक उबालें व फिर छानकर दिन में दो से तीन बार पिएं।

​अदरक है डकार का इलाज
डकार पैदा करने वाली गैस से संबंधित समस्‍याओं का असरकारी रूप से उपचार करने में अदरक बुहत लाभकारी है। इसमें एंटी-बैक्‍टीरियल, एंटी-इंफ्लामेट्री व दर्द-निवारक गुण होते हैं। इसके लिए ताजी अदरक का एक छोटा टुकड़ा लेकर चबाएं।

​ज्यादा डकार से पपीता दिलाएगा आराम 
पपीते में एक ऐसा एंजाइम होता है जो बैक्‍टीरिया को बढ़ने से रोकता है व पाचन में सुधार लाता है। पपीता डकार व सीने में जलन का बेहद असरकारी घरेलू इलाज है। आप पका पपीता रोज खाएं या इसकी स्‍मूदी बनाकर पिएं।

​बार बार डकार आने पर खाएं केला
केले में फाइबर उच्‍च मात्रा में होता है जिससे पाचन में सुधार आता है व डकार कम आती है। अगर आपका बार-बार डकार आ रही है तो केला खा लें लेकिन एक दिन में एक से ज्‍यादा केला न खाएं।