प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान 5 तारीख को करे यह काम

 प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील 21 दिनों के लॉकडाउन के दौरान 5 तारीख को करे यह काम

चीन के वुहान शहर से फैली कोरोना वायरस नाम की महामारी से विश्वभर में दहशत का माहौल बन गया है. इस बीमारी के संक्रमण के भय से लोग अपने घरों से बाहर तक नहीं निकल पा रहे हैं. 

कोरोना की वजह से अब तक हजारों लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं. ऐसे में बाकी राष्ट्रों की तरह हिंदुस्तान भी इस बीमारी से अपने देशवासियों को बचाने की पूरी प्रयास कर रहा है. हाल ही में देश में लागू 21 दिनों के लॉकडाउन के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से पांच अप्रैल को घरों की रोशनी बंद करके दीया, मोमबत्ती आदि जलाने की अपील की है. पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के विरूद्ध जंग में महामारी का अंधकार मिटाने के लिए देशवासियों से रविवार यानी 5 अप्रैल की रात नौ बजे नौ मिनट तक घर की रोशनी बंद कर घर के दरवाजे या बालकनी में खड़े रहकर दीया, मोमबत्ती, मोबाइल फ्लैश रोशनी या फिर टॉर्चलाइट जलाने की अपील की है.  हालांकि, उन्होंने इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग मानदंडों का पालन करने का भी आदेश दिया.

कोरोना वायरस नाम की इस महामारी को हराने के लिए अगर आप भी प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर अमल करने की सोच रहे हैं व अपने-अपने घरों की बालकनी में खड़े होकर साफ-सफाई के साथ सेनेटाइजर का प्रयोग करते हुए मोमबत्ती या दीया जलाने का प्लान बना रहे हैं तो पहले चिकित्सक व भारतीय सेना द्वारा जारी एडवाइजरी पर थोड़ा गौर कर लें. इसकी अनदेखी करने पर आपकी जान आफत में पड़ सकती हैं आइए जानते हैं कैसे. 

सेनेटाइजर का प्रयोग करने से पहले रहे सतर्क-
हाल ही में हरियाणा से एक समाचार आई थी कि एक आदमी रसोई में रखे सामान को अल्कोहोल आधारित सेनेटाइजर से साफ करने के दौरान गलती से आग के सम्पर्क में आ गया. जिसकी वजह से वो 35 फीसदी तक झुलस गया था.  रेवाड़ी के रहने वाले इस 44 वर्षीय आदमी ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि घर पर था व चाबी व मोबाइल फोन जैसे अपने घरेलू सामानों को साफ कर रहा था उसी दौरान उसकी पत्नी भी वहां खाना बना रही थी. आकस्मित आदमी के कुर्ते पर थोड़ा सेनेटाइजर गिर गया जिससे खाना पकाने वाली गैस से उसमें आग लग गई.

डॉक्टरों की क्या है सलाह- 
प्लास्टिक एवं कॉस्मेटिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष महेश मंगल के अनुसार, ''हालांकि हैंड सेनेटाइजर अत्यंत आवश्यक है, लेकिन हम सलाह देते हैं कि अल्कोहल-आधारित सेनेटाइजर का उपयोग बहुत सावधानी से किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, ''इस उत्पाद में इथाइल अल्कोहल की बहुत ज्यादा अधिक मात्रा होती है. कुछ मामलों में यह 62 फीसदी तक होती है. इससे सेनेटाइजर अत्यधिक ज्वलनशील बन जाता है व इससे किसी के झुलसे का खतरा होता है. 

भारतीय सेना की एडवाइजरी करती है देशवासियों को सावधान-
इंडियन आर्मी ने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के बाद एक एडवाइजरी जारी करते हुए  देशवासियों को दीप जलाने से पहले कुछ सावधानियां बरतने के लिए बोला है. दरअसल, अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भारतीय सेना ने बोला कि 5 अप्रैल को रात नौ बजे जब कोरोना वायरस के विरूद्ध जंग में एकजुटता दिखाने के लिए दीया या मोमबत्तियां जलाएं तो हमें इस दौरान थोड़ी सावधानी बरतनी है. इंडियन आर्मी ने बोला कि रविवार को बालकनी या दरवाजे पर दीप या मोमबत्ती जलाने से पहले अपने हाथों को धोने के लिए साबुन का उपयोग करें. दीप या मोमबत्ती जलाने से पहले सैनिटाइजर का प्रयोग न करें, क्योंकि इसमें अल्कोहल की मात्रा होती है.  

दरअसल, इंडियन आर्मी की यह सावधानी इसलिए भी अहम है क्योंकि कोरोना वायरस के खतरे से बचने के लिए लोग अभी लगातार सैनिटाइजर का प्रयोग कर रहे हैं. सैनिटाइजर अल्कोहल युक्त होते हैं. कुछ में अल्कोहल की मात्रा अधिक तो किसी में कम होती है. क्योंकि अल्कोहल ज्वलनशील होता है, जिससे आग लगने की गुंजाइश ज्यादा होती है. यही वजह है कि दीप जलाने से पहले किसी तरह की अनहोनी न हो, इसलिए सेना ने लोगों को पहले ही चेताया है. 

कैसे करें नकली सेनेटाइजर की पहचान-

उप्र फार्मेसी काउंसिल के पूर्व चेयरमैन और सिविल अस्पताल में वरिष्ठ फार्मासिस्ट सुनील यादव के मुताबिक मार्केट में कई तरह के सैनिटाइजर उपलब्ध है. ऐसे में कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए वास्तविक सैनिटाइजर की पहचान होना बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया जो सैनिटाइजर ठीक होगा वह थोड़ा हाथ पर ठंडा सा लगेगा व बहुत जल्दी सूख जाएगा. चिपचिपा नहीं होगा. ज्यादातर अल्कोहल से तैयार सैनिटाइजर वायरस वैक्टीरिया को मारने के लिए अच्छे होते हैं.

बाजार में ऐसे सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं है तो घबराने की आवश्यकता नहीं है. वैसे साबुन से हाथ धोना सबसे अच्छा होता है. हाथ धोते समय यह सावधानी रखे कि  साबुन का झाग जब तक न निकलने लगे तब तक रगड़ते रहे व उल्टा, सीधा, फिर मुट्ठी बांधकर, अंगूठे, नाखूनों व कलाई को पूरी तरह से रगड़ कर साबुन से साफ करना है. यही प्रक्रिया सेनिटाइजर में भी अपनाई जानी है.