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पितृ पक्ष में तुलसी के पास जरूर रखे लें ये 1 चीज

सनातन धर्म में पितृ पक्ष का खास महत्व है पितृ पक्ष के 15 दिनों की अवधि में पितरों को प्रसन्न करने के लिए पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध किए जाते हैं पौराणिक मान्यता कि पतरों के वंशज यदि पितृ पक्ष में उनके निमित्त श्राद्ध कर्म, तर्पण और पिंडदान करते हैं तो उनकी आत्मा को शांति मिलती है इसके साथ ही पितर देव प्रसन्न होकर अपने वंशजों को हमेशा खुशहाल रखते हैं शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान तुलसी के पास गंगाजल रखने से पतरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है आइए जानते हैं पितृ पक्ष में तुलसी के पास गंगाजल रखने से और क्या-क्या फायदा बताए गए हैं

कब से प्रारम्भ हो रहे हैं पितृ पक्ष | Pitru Paksha Dates 2023

हिंदी पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष हर वर्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि से प्रारम्भ होते हैं जबकि पितृ पक्ष का समाप्ति आश्विन मास की अमास्या के दिन होता है दृक पंचांग के मुताबिक, इस वर्ष पितृ पक्ष 27 सितंबर से प्रारम्भ हो रहा है वहीं पितृ पक्ष का समाप्ति 14 अक्टूबर 2023 को होगा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों की सेवा के लिए बहुत खास हैं

पितृ पक्ष में गंगाजल के तरीका | Remedies of Gangajal in Pitru Paksha

पुराणों के मुताबिक, पितृ पक्ष के दौरान तुलसी के पास एक कटोरा रख दें और फिर हाथ में गंगाजल लेकर पितरों का नाम और बाबा विश्वनाथ का नाम लेते हुए धीरे-धीरे कटोरी में गंगाजल गिराएं इतना करने के बाद हाथ जोड़कर पितृ देव और बाबा विश्वनाथ को नमन करें इसके बाद उस गंगाजल को पूरे घर में छिड़क दें मान्यता है कि पितृ पक्ष में इस तरीका को करने से घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती हैं मान्यता यह भी है कि ऐसा करने के बाद पितरों के निमित्त पिंडदान और तर्पण करने की जरूरत पड़ती इसके अतिरिक्त गंगाजल के उस तरीका से पितरों को मोक्ष की प्राप्त होती है साथ ही उस तरीका को करने से पितृ गुनाह भी दूर होते हैं

पितृ पक्ष के दौरान कब ना करें ये उपाय

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, गंगाजल के इस तरीका को पितृ पक्ष के दौरान कभी भी किया जा सकता है हालांकि विद्वानों के अनुसार इस तरीका को रविवार या एकादशी के दिन करने से बचना चाहिए

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