स्किन के लिए हमेशा ठीक नहीं होता दूध, जानिए

स्किन के लिए हमेशा ठीक नहीं होता दूध, जानिए

दूध को स्वास्थ्य के लिए संपूर्ण आहार माना जाता है लेकिन यह आपकी स्किन के लिए हमेशा ठीक नहीं होता. डेरी प्रोडक्ट में कई ऐसे तत्व होते हैं, जिससे मुंहासों की समस्या हो सकती है. आप मुंहासों से निपटने के लिए हर क्रीम, सीरम व ट्रीटमेंट के कई दूसरे ढंग अपनाते हैं. साथ ही आप मुंहासों के लिए बढ़ते प्रदूषण को जिम्मेदार ठहराते हैं लेकिन आप कभी अपने फ्रिज पर ध्यान नहीं देते जबकि मुंहासों की वास्तविक वजह आपके फ्रिज में हो सकती है. बचपन से हम सुनते आ रहे हैं कि दूध एक संपूर्ण आहार है, जो स्वास्थ्य से भरपूर होता है. हम टेलीविजन कितने ही ऐसे एडवरटाईजमेंट देखते हैं, जिसमें दूध के फायदे बताए जाते हैं. हमें बचपन से बताया गया है कि दूध में कई विटामिन होते हैं लेकिन व्यस्क होने के बाद इन बातों से अलग हमारी स्किन पर दूध बहुत ज्यादा प्रभाव डालता है.

लड़कियों की हर छोटी बड़ी परेशानियों को फोकस में रखकर वीमेन हेल्थ व केयर पर फोकस करने वाली वेलनेस साइट हेल्थ शॉट्स पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक दूध मुंहासों की वजह बन सकता है-

दूध कैसे होता है मुंहासों का कारण-
दूध हमारी स्किन में तेल प्रोडक्शन को बढ़ाकर इसे तैलीय बनाती है. खासतौर पर गौ माता के दूध में ऐसे तत्व होते हैं, जो हमारे शरीर के हॉर्मोन में परिवर्तन करते हैं. इससे हमारी स्कीन तैलीय हो जाती है, जिसका सीधा प्रभाव हमारे चेहरे पर पड़ता है. लॉ फैट मिल्क में भी ऐसे तत्वों की मात्रा बेहद होती है, जो मुंहासों को बढ़ाने का कार्य करते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि लॉ फैट मिल्क में चीनी की मात्रा बेहद होती है, जिससे मुंहासों की समस्या बढ़ती है. यही नहीं, दूसरे डेरी उत्पाद जैसे पनीर, क्रीम भी इस समस्या को बढ़ाते हैं. इसका मतलब यह हुआ कि जिस कॉफी व वस्तु केटो पिज्जा का प्रयोग आप प्रातः काल के नाश्ते में करते हैं, वो आपकी स्किन के शत्रु बन सकते हैं.

अपनी स्किन को कैसे रखें साफ
आप अपनी स्किन को अपनी जीवनशैली में परिवर्तन लाकर मुंहासों रहित रख सकते हैं. ठीक प्रोडक्ट, डेरी फ्री डाइट का प्रयोग करने से आपके चेहरे से मुंहासे हटने के साथ इसमें निखार भी आएगा. आपको 2-3 सप्ताह में यह परिवर्तन नजर आएगा. वहीं आप दूध की स्थान बादाम के दूध, वीगन वस्तु को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं.