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आइए जानते हैं नाग पंचमी से जुड़े रोचक कथाओं के बारे में…

नाग पंचमी का त्योहार पूरे राष्ट्र में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. नाग पंचमी के दिन पूरे विधि–विधान से नाग देवता की पूजा अर्चना की जाती है. भारतीय सनातन हिंदू परंपरा में नागों को भी देवता का जगह दिया गया है. बता दें कि नाग, ईश्वर शिव को अत्यधिक प्रिय हैं. सावन के महीने में नाग पंचमी पड़ने से ईश्वर महादेव और अधिक प्रसन्न होते हैं. नाग पंचमी का त्यौहार सावन माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली पंचमी को मनाया जाता है. आइए जानते हैं नाग पंचमी से जुड़े रोचक कथाओं के बारे में.

पौराणिक कथा
ऐसी मान्यता है कि जनमेजय, अर्जुन के पुत्र राजा परीक्षित के पुत्र थे. जन्मेजय ने जब अपने पिता राजा परीक्षित की मौत का कारण सांप के डसने को जाना तो उससे बदला लेने के लिए सर्पसत्र नामक यज्ञ का आयोजन किया. सर्पों की रक्षा के लिए ऋषि आस्तिक मुनि ने श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को इस यज्ञ को रोक दिया और इससे नागों की रक्षा की. उस दिन से नहीं पूरे राष्ट्र में नाग पंचमी का त्यौहार मनाया जाने लगा.

नाग पंचमी का महत्व
साल 2023 के सावन महीने में नाग पंचमी का त्योहार 21 अगस्त को मनाया जाएगा. बता दें कि पंचमी तिथि 1 अगस्त को दिन के 12 बजकर 30 मिनट से प्रारम्भ होगा. जबकि इसकी समापन 22 अगस्त को 2 बजे दिन में होगा. नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प गुनाह से मुक्ति मिल जाती है. नाग देवता को घर का रक्षक भी माना जाता है. इस दिन नाग देवता की पूजा करने से घर में सुख–शांति और समृद्धि भी आती है.

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