लाइफ स्टाइल

जानिए, जींस के बारे में कुछ रोचक तथ्य…

आज के दौर में जींस फैशन का एक जरूरी हिस्सा बन चुकी है हर उम्र के लोग इसे पहनते हैं और इसे स्टाइलिश और आरामदायक मानते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि जींस को फैशन के लिए नहीं, बल्कि एक अलग काम के लिए बनाया गया था?

जींस का इतिहास 19वीं सदी में प्रारम्भ होता है इसे फ्रांस के शहर ‘नीम्स’ में बनाया गया था इस कपड़े को ‘सेर्ज’ बोला जाता था प्रारम्भ में जींस को ‘सेलर्स’ यानी नाविकों ने काफी पसंद किया था वे इसे काम करते समय पहनते थे क्योंकि यह मजबूत और टिकाऊ होता था

धीरे-धीरे जींस का इस्तेमाल खदान श्रमिकों और अन्य मेहनतकश लोगों द्वारा भी किया जाने लगा यह कपड़ा गंदा होने पर भी कम मैला दिखता था, इसलिए श्रमिकों के लिए यह बिल्कुल ठीक था जींस का रंग नीला रखा गया था क्योंकि यह रंग गंदगी को छुपाने में सहायता करता था

1950 के दशक में जींस का इस्तेमाल हॉलीवुड फिल्मों में बतौर फैशन हुआ फिल्मों में अभिनेताओं को जींस पहने देखकर लोगों ने भी इसे अपनाना प्रारम्भ कर दिया धीरे-धीरे जींस पूरे विश्व में लोकप्रिय हो गई और आज यह फैशन का एक जरूरी हिस्सा बन चुकी है

लेकिन जींस के इतिहास को जानने के बाद यह बोलना गलत नहीं होगा कि यह फैशन के लिए नहीं, बल्कि मजबूती और टिकाऊपन के लिए बनाया गया था जींस का इतिहास हमें सिखाता है कि कैसे एक साधारण कपड़ा फैशन का प्रतीक बन सकता है

  • दुनिया की पहली जींस 20 मई, 1873 को जैकब डेविस और लीवाई स्ट्रॉस ने बनाई थी
  • जींस का नाम ‘जेनोआ’ शहर के नाम पर रखा गया था, जहां से डेनिम कपड़ा आता था
  • 1950 के दशक में मर्लिन मुनरो ने जींस पहनकर इसे फैशन स्टेटमेंट बना दिया था
  • आज पूरे विश्व में हर वर्ष लगभग 2 अरब जींस बेची जाती हैं

जींस का महत्व:

जींस केवल एक कपड़ा नहीं है, यह एक प्रतीक है यह मजबूती, टिकाऊपन और आत्मविश्वास का प्रतीक है जींस ने पूरे विश्व के लोगों को अपनी पसंद और चरित्र को व्यक्त करने का एक तरीका दिया है​ जींस का इतिहास हमें सिखाता है कि कैसे एक साधारण कपड़ा फैशन का प्रतीक बन सकता है जींस केवल एक कपड़ा नहीं है, यह एक प्रतीक है यह मजबूती, टिकाऊपन और आत्मविश्वास का प्रतीक है

 

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