यह बॉलीवुड एक्ट्रेस देने जा रही है वॉटर बर्थ के जरिए बच्‍चे को जन्‍म, आप भी ले शोध में जानकारी

यह बॉलीवुड एक्ट्रेस देने जा रही है वॉटर बर्थ के जरिए बच्‍चे को जन्‍म, आप भी ले शोध में जानकारी

बॉलीवुड एक्ट्रेस व निर्देशक अनुराग कश्यप की एक्स वाइफ कल्कि कोचलिन जल्द ही मां बनने वाली हैं। कल्कि का बोलना है कि वह वॉटर बर्थ के जरिए बच्‍चे को जन्‍म देना चाहती हैं।

कल्कि ने खुद इसका खुलासा किया है कि उनकी 5 महीने की प्रेग्‍नेंसी है व वह अपने बच्‍चे को वॉटर बर्थ के जरिए जन्म देना चाहती हैं। वॉटर बर्थ को लेकर कल्कि ने एक कठोर व स्वस्थ ज़िंदगी शैली का पालन करना प्रारम्भ कर दिया है।

वॉटर बर्थ तकनीक का कम उपयोग स्वस्थ गर्भावस्था व प्रसव को बढ़ावा देने के लिए अधिक आसान ढंग से ज़िंदगी जीना है। अपनी प्रेग्‍नेंसी के समय कल्कि अपना समय गाने सुनने में बिताती है व लंबी सैर के साथ खुशी से योग करती हैं। इतना ही नहीं कल्कि ने इस दौरान मोबाइल फोन का उपयोग भी कम कर दिया है। आइए जानते हैं क्या है वॉटर बर्थ। क्या है इसके फायदे व नुकसान।

वॉटर बर्थ तकनीक क्‍या है?

वॉटर बर्थ अस्पताल में बच्चे को जन्म देने क ढंग से बहुत अलग है। बच्चे को जन्म देने का यह उपाय विदेशों में बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है। वॉटर बर्थ के फायदों के बारे में बढ़ती जागरूकता के साथ, अधिक से अधिक लोग अब इस तकनीक से बच्‍चे को जन्‍म दे रहे हैं। हाल ही में, ब्रुना अब्दुल्ला ने भी पानी में बच्‍चे की जन्म देने की अपनी कहानी लोगों से साझा की थी। प्रसिद्ध शख़्सियतों को देखते हुए अब हिंदुस्तान के कुछ अस्पताल भी इस प्रसव तकनीक को बढ़ावा दे रहे हैं।

बोला जाता है कि सामान्य प्रसव के ढंग में अनुभव किए गए दर्द की तुलना में वॉटर बर्थ में दर्द बहुत कम होता है। वॉटर बर्थ का मतलब है कि पानी में बच्चे को जन्म देना। इसमें एक बड़े टब में गुनगुना पानी डाला जाता है, जहां गर्भवती महिला आराम से बैठ सकती हैं। यह प्रक्रिया अस्पताल व घर दोनों में की जा सकती है। यह तकनीक प्रेग्‍नेंसी के दर्द को कम करती है। हालांकि, इसे बहुत सावधानी से किया जाना चाहिए नहीं तो इससे नवजात का स्वास्थ्य भी प्रभावित होने कि सम्भावना है।

वॉटर बर्थ के फायदे


  • वॉटर बर्थ सामान्‍यतौर पर होने वाली प्रसव प्रक्रिया की तुलना में कम दर्द देने वाली तकनीक है। इसमें स्त्रियों को डिलीवरी के दौरान बहुत ज्यादा हद तक कम दर्द होता है।

  • वॉटर बर्थ में प्रसव पीड़ा को प्रेरित करने की जरूरत नहीं है। इसमें प्रसव बहुत कम समय में व कम दर्द के साथ भी होने कि सम्भावना है।

  • टब में गर्म पानी भी एक दर्द निवारक के रूप में कार्य करता है, जो प्रसव के समय दर्द को कम करने में मदद करता है।

  • वॉटर बर्थ के समय कोई दवा लेने की आवश्यकता नहीं होती। गर्म पानी मांसपेशियों को आराम देता है व ऑक्सीटोसिन को बढ़ाता है, जो शरीर को प्राकृतिक रूप से दर्द से राहत देने में मदद करता है। इससे डिलीवरी भी बहुत जल्दी हो जाती है



वॉटर बर्थ का नुकसान


  • वॉटर बर्थ में जन्म देते समय बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। ऐसी आसार है कि नवजात किसी भी संक्रमण को पकड़ सकता है।

  • ऐसे मामलों में गर्भनाल के टूटने की आसार भी होती है, जो बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।

  • पानी में जन्म देने से, कई बार, बच्चे के शरीर का तापमान बिगड़ सकता है। बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इसलिए घर पर प्रसव की इस प्रक्रिया को अपनाते हुए, एक्‍सपर्ट की मदद जरूर लें