सर्दियों में जरूर करें तिल का सेवन, सेहत को मिलेंगे कई बेहतरीन फायदे

सर्दियों में जरूर करें तिल का सेवन, सेहत को मिलेंगे कई बेहतरीन फायदे
सर्दियों में गुड़ और तिल का बहुत सेवन किया जाता है। सर्दियां शुरू होते ही लोग तिल के लड्डू या तिल की पट्टी बनाने लगते हैं। ये खाने में तो स्वादिष्ट लगते ही हैं लेकिन इसके साथ ही यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। तिल में प्रोटीन, आयरन, विटामिन, ओमेगा 6, मैग्नीशियम,फॉस्फोरस जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। सर्दियों में तिल खाने से शरीर को गर्मी पहुंचती है और इसके साथ ही सेहत को ढेरों फायदे मिलते हैं। आज के इस लेख में हम आपको सर्दियों में तिल खाने के फायदे बताने जा रहे हैं-
तिल का सेवन हमारे दिमाग के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। तिल में प्रोटीन, कैल्शियम ,मिनरल्स, मैग्नीशियम, आयरन और कॉपर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो दिमाग की ताकत बढ़ाते हैं। सर्दियों में रोजाना तिल का सेवन करने से याददाश्त कमजोर नहीं होती है।
रोजाना तिल के सेवन से दिल का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। इसमें मौजूद, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक और सेलेनियम जैसे पोषक तत्व दिल की मांसपेशियों को सक्रिय रूप से काम करने में मदद करते हैं। इससे हार्ट की बीमारियों का जोखिम कम करने में मदद मिलती है।
तिल का सेवन करने से कैंसर से भी बचाव होता है। तिल में सेसमीन नामक तत्व पाया जाता है जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। तिल का सेवन करने से लंग कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर और पेट के कैंसर से बचाव होता है।
जिन लोगों को अनिद्रा की समस्या है उनके लिए भी तेल का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। तिल में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिससे नींद अच्छी आती है। इसके साथ ही तिल का सेवन करने से तनाव और डिप्रेशन को कम करने में मदद मिलती है।
गठिया के मरीजों के लिए तिल का सेवन फायदेमंद माना जाता है। तिल में कैल्शियम और फास्फोरस जैसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। तिल का सेवन करने से जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत मिलती है।
ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी तिल फायदेमंद साबित हो सकता है। तिल में पाया जाने वाला तेल कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम में तनाव को कम करता है। इसके अलावा तिल में भरपूर मात्रा में मैग्निशियम मौजूद होता है जो हाई बीपी की समस्या को कम करने में मदद करता है।
तिल का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है। तिल में सेसमिन और सेसमोलिन नामक तत्व मौजूद होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं।
तिल का सेवन करने से कब्ज की समस्या से भी छुटकारा पाया जा सकता है। तिल के बीज में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है। तिल का सेवन करने से कब्ज से निजात मिल सकता है।
हमारे बालों के लिए भी तिल बहुत फायदेमंद है। इसमें विटामिन बी, कैल्शियम, मैग्नीशियम,फॉस्फोरस और प्रोटीन मौजूद होता है जिससे बालों को संपूर्ण पोषण मिलता है और बाल मजबूत बनते हैं।
हमारी त्वचा के लिए भी तिल अमृत के समान काम करता है। इसके सेवन से त्वचा में नमी बरकरार रहती है और त्वचा का रूखापन दूर होता है। तिल के सेवन से चेहरे पर चमक आती है।

जल्द शादी और सुंदर पत्नी पाने की रखते हैं ख्वाहिश, तो...

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हिंदू धर्म में हर समस्या का समाधान है। हिंदू धर्म में कई ऐसे उपाय हैं जिनसे बड़ी से बड़ी समस्या का हल निकाला जा सकता है। शादी को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र माना गया है। कई लोगों की शादी तो समय से हो जाती है। लेकिन कई लोगों को शादी के लिए लड़की ढूंढ़ने में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। आजकल के समय में लोगों को लड़की में सभी तरह के गुण चाहिए होते हैं। जिसमें से एक गुण यह है कि लड़की सुंदर होनी चाहिए। यूं तो लोगों को शादी के लिए लड़कियों में और भी गुण चाहिए होते हैं लेकिन सुंदरता आज के समय में काफी अहम हो चुका है।

शादी के लिए जब कोई भी लड़का किसी लड़की को देखता है तो वह सबसे पहले उसकी सुंदरता को ध्यान में रखता है। इसके बाद लड़की के बाकी गुणों को देखा जाता है। आज के पुरुषों की बात करें तो उनके लिए सुंदरता  ज्यादा मायमे रखती है। लड़कों को जबतक कोई सुंदर लड़की नहीं मिलती वह शादी नहीं करते हैं। ऐसे में अगर आप भी लंबे समय से सुंदर लड़की की तलाश में हैं तो आज हम आपको एक ऐसा उपाय बताने जा रहे हैं जिससे आपकी यह तलाश जल्द ही खत्म हो जाएगी। हम आपको विवाह के लिए सुंदर लड़की पाने का एक मंत्र बताने जा रहे हैं। साथ ही हम आपको जल्द शादी करने के भी उपाय बता रहे हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में...

"पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्। तारिणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्।।"
ऊपर दिए गए मंत्र का जाप नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा का ध्यान करते हुए शुरू करें।
जब मंत्र का जप प्रारंभ करें तो मां दुर्गा के प्रति पूर्ण समर्पित भाव से उनका ध्यान करते हुए ही मंत्र का जप करें।
मंत्र का जाप शादी से पहले ही करें। सादी के बाद इस मंत्र का कोई असर नहीं दिखेगा।