बारिश की रिमझिम फुहारों में पकौड़ों के साथ 'महुआ के पुए' का भी हो साथ, तो बन जाए बात

बारिश की रिमझिम फुहारों में पकौड़ों के साथ 'महुआ के पुए' का भी हो साथ, तो बन जाए बात

सामग्री :

250 ग्राम महुआ, 400 ग्राम आटा, 1 कप दूध, तलने के लिए देसी घी या सरसों का तेल

विधि :

- महुआ को अच्छी तरह धोकर साफ करें।
- आधा लीटर पानी में डालकर महुआ को तब तक पकाएं, जब तक कि पानी न सूख जाए। ठंडा होने पर इसे सिलबट्टे पर पीस लें। अब इसमें आटा मिलाएं और धीरे-धीरे दूध से मालुपुए का घोल बना लें।
- ध्यान रखें कि इसका घोल न तो बहुत पतला हो और न ही बहुत ज्यादा गाढ़ा। इसके घोल में गांठ न पड़ें, इसका ध्यान रखें। इसमें प्राकृतिक मिठास होती है तो अलग से चीनी या गुड़ न मिलाएं।
- अब गैस पर कडा़ही में तलने के लिए घी या तेल गर्म करें। मध्यम ही गर्म रखें और एक बड़े चम्मच की सहायता से घोल डालें। आंच को मीडियम रखें और पलट पलटकर एक-एक कर सभी पूएं तल लें। आप इसे गर्मागर्म भी बारिश की फुहारों में मजा ले सकते हैं और एक दो दिन अन्य पकवान की तरह ठंडा भी खा सकते हैं।
Tip
महुए को प्रेशर कुकर में भी उबाल सकते हैं और मिक्सी में भी पीस सकते हैं, लेकिन इससे वह स्वाद नहीं आएगा, जो धीमी आंच पर उबालकर और सिलबट्टे पर पीसकर आता है। बेहतर स्वाद के लिए इन्हें लोहे या पीतल की कड़ाही में तलें।


अगर आपके विवाह में भी आ रही है परेशानियां तो अपनाएं तुलसी से जुड़ा ये खास उपाय

अगर आपके विवाह में भी आ रही है परेशानियां तो अपनाएं तुलसी से जुड़ा ये खास उपाय

सनातन धर्म में तुलसी का पौधा बहुत पवित्र माना जाता है। इस वृक्ष को लगाने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। इसका उपयोग औषधीय के रूप में भी होता है। बोलते हैं जहां तुलसी के पौधा होता है वहां नकारात्मक एनर्जी नहीं होती है। प्रभु श्री विष्णु की आराधना में तुलसी का उपयोग किया जाता है। इसके बगैर उनकी उपासना अधूरी मानी जाती है। परंपरा है कि नियमित तौर पर तुलसी की आरधना करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। ज्योतिष विद्या के मुताबिक, तुलसी का उपयोग गृह क्लेश, विवाह में देरी, व्यापार में हानि की दिक्कतें से छुटकारा पाने के लिए कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में.....

पूर्ण होगी मनोकामनाएं
ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, एक पीतल के लोटे में 4 से 5 तुलसी की पत्तियां डालकर लगभग 24 घंटे के लिए छोड़ दें। अगले दिन स्नान आदि करने के पश्चात् इस जल को अपने घर के प्रवेश द्वार पर छिड़के दें। इसके अतिरिक्त घर के अन्य भागों में छिड़के इस नकारात्मक एनर्जी दूर हो जाती है। परंपरा है कि इस उपाय को करने से आपकी इच्छाओं को पूरी करने वाली परेशानिया दूर हो जाती है। ध्यान रहे इस काम को करते वक़्त आपको कोई देखें और कोई टोके नहीं। इससे उपाय प्रभावहीन हो जाता है।

कन्या विवाह के लिए
यदि किसी लड़की की शादी में देरी हो रही हो या उसे मनचाहा साथी नहीं मिल रहा हो तो उस लड़की को प्रतिदिन तुलसी के पौधे में पानी डालना चाहिए अपनी कामना बोलनी चाहिए। मान्यता है कि इस उपाय को करने से शादी के योग बनते हैं।

व्यापार में तरक्की
कारोबार करने वाला मनुष्य चाहता है कि उसका काम अधिक से अधिक बढ़ें। सभी लोग जानते हैं कि कारोबार में अधिक और हानि दोनों चीजें होती रहती है। यदि कारोबार में हो रही हानि से परेशान है तो प्रत्येक शुक्रवार को स्नान करके तुलसी में कच्चा दूध चढ़ाएं। इसके अतिरिक्त किसी मिष्ठान का भोग लगाएं तथा बचे हुए प्रसाद को सुहागिन स्त्री को दान कर दें। कहा जाता है आहिस्ता-आहिस्ता कारोबार की हानि कम होने लगती है।

वास्तुदोष दूर करें
वास्तुदोष के कारण आपके काम बिगड़ने लगते हैं। वास्तुशास्त्र के मुताबिक, तुलसी सकारात्मक उर्जा देने का काम करता है। यदि आप वास्तुदोष की दिक्कतों से गुजर रहे हैं तो घर के दक्षिण पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाएं तथा उसके नियमित रूप से जल दें तथा घी का दीप जलाएं। इस उपाय को करने से घर में नकारात्मक उर्जा दूर हो जाएगी तथा गृह-क्लेश से भी छुटकारा प्राप्त होगा। इससे घर में सुख- समृद्धि बनी रहती हैं।