अगर घर में स्थापित करने जा रहे है शिवलिंग तो पहले जान लें बातें

अगर घर में स्थापित करने जा रहे है शिवलिंग तो पहले जान लें बातें

भगवान शिव को भोलेनाथ के नाम से भी जाना जाता है ये भक्तों की पुकार जल्दी सुन लेते है। लेकिन अगर भक्त के दवारा छोटी सी भूल हो जाती है तो उस पर अपना क्रोध बरसाने में कोई देरी नहीं करते हैं। वहीं इस कारण से भोले को आशुतोष भोले भंडारी कहते हैं। अब आज आपको भगवान शिव की पूजा से जुड़ी कुछ बातों को बताने जा रहे हैं।

इन बातों का रखें ध्यान:

# शिवलिंग को घर में बेडरूम में नहीं रखना चाहिए, ऐसा करने से भगवान शिव के क्रोध का सामना करना पड सकता है

# अगर घर में शिवलिंग स्थापित किया गया है तो उस घर में कोई भी चोरी का सामना नहीं रखें, ऐसा करने से भगवान शिव नाराज हो जाते हैं।

# घर में अगर शिवलिंग रखा हो तो उस घर में मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इस बात से भगवान शिव नाराज हो सकते है।

# घर के मंदिर में शिवलिंग स्थापित है तो ऐसे घर में नियमित साफ सफाई का ध्यान रखें व मंदिर को भी साफ स्वच्छ रखना सबसे बड़ा पुण्य का काम होता है।

# शिवलिंग की पूजा करते हैं तो भूलकर भी शिवलिंग में तुलसी का पत्ता अर्पित ना करें क्योंकि तुलसी को शिवलिंग में अर्पित करने से दोष लगता है और सारे काम बिगड़ जाते हैं।


आजादी और आध्यात्मिकता से जीवन हुआ आसान, स्त्रियों में बढ़ा 'हैप्पीनेस लेवल'

आजादी और आध्यात्मिकता से जीवन हुआ आसान, स्त्रियों में बढ़ा 'हैप्पीनेस लेवल'

Level of Happiness In Women : एक ताजा सर्वे में पता चला है कि कुछ दशक पहले की स्त्रियों की तुलना में आज की युवतियां अधिक खुश रहने लगी हैं और ये परिवर्तन उनमें अपनी लाइफ से जुड़ा हर निर्णय लेने की उनकी बड़ी हुई क्षमता की वजह से है दैनिक भास्कर अखबार में छपी न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक अब उन्हें हल्की बातों, जैसे क्या पहनना है, क्या खाना है, कैसे बैठना या उठना है, इसके लिए किसी की इजाजत लेने की आवश्यकता नहीं है वो अपने निर्णय स्वयं ले सकती है इसमें आध्यात्मिकता भी एक वजह है जो स्त्रियों के ‘लेवल ऑफ हैप्पीनेस (Level of Happiness)’ को बढ़ा रही है

इस रिपोर्ट के अनुसार, पुणे के रिसर्च सेंटर ‘‘ ने देश के 29 राज्यों की 43 हजार से अधिक स्त्रियों से उनकी खुशी को लेकर प्रश्न किए इन स्त्रियों की आयु 18 वर्ष से लेकर 70 वर्ष के बीच की थी

सर्वे में क्या निकला?
सर्वे में स्त्रियों के साथ वार्ता में सामने आया कि कम आयु की युवतियां अपनी लाइफ से अधिक संतुष्ट हैं 18 से 40 वर्ष के बीच की कम से कम 80 फीसदी प्रतिभागियों ने स्वयं को खुश बताया इनमें से ज्यादातर महिलाएं आध्यात्म से भी जुड़ी हुई थीं, यानी पूजा-पाठ या किसी तरह का मेडिटेशन जैसी सक्रिय िटी से वो जुड़ी हुई थीं

आजादी स्त्रियों को खुशी दे रही
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि हिंदुस्तान के अतिरिक्त दूसरे राष्ट्रों में भी स्त्रियों में हैप्पीनेस के लेवल को समझने के लिए स्टडी हुई है यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया द्वारा की गई ऐसी ही एक स्टडी के लिए डे रिकंस्ट्रक्शन मेथड (Day Reconstruction Method) की सहायता ली गई, जिससे ये समझने की प्रयास थी कि एक दिन में स्त्रियों के इमोशंस में कितना उतार-चढ़ाव आता है इसके नतीजों के मुताबिक आजादी स्त्रियों को खुशी दे रही है

पुरुषों के मुकाबले बेटर हैंडलर
इस स्टडी में ये भी पाया गया कि फिट रहना भी स्त्रियों को अधिक खुश रखता है शोध के अनुसार अभ्यास करना स्त्रियों को उनकी सैलरी मिलने जैसी खुशी देता है सर्वे में एक चौंकाने वाली बात ये भी सामने आई कि यदि महिला और पुरुष को एक जैसी कठिनाई दी गई, तो महिला उसे अधिक सरलता से डील करती है