लाइफ स्टाइल

बच्चे में है कॉन्फिडेंस की कमी तो अपनाएं ये टिप्स

बच्चा छोटा हो या बड़ा जीवन में आने वाली चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए पेरेंट्स को उसे बचपन से ही तैयार करना पड़ता है बच्‍चों की अच्‍छी परवर‍िश में ठीक शि‍क्षा के साथ-साथ लाइफ स्‍क‍िल्‍स का भी अहम क‍िरदार होता है जो माता-पिता अपने बच्चों को जीवन में आने वाली इन भिन्न-भिन्न स्थितियों का सामना करना नहीं सिखाते, उनके बच्चों में आत्मविश्वास की कमी हमेशा बनी रहती है ऐसे बच्चे कॉन्फिडेंस के साथ दूसरे लोगों से बात तक नहीं कर पाते हैं जिसका असर आगे चलकर उनके शारिरिक और मानसिक विकास पर भी पड़ता है यदि आपको भी लगता है कि किसी वजह से आपके बच्चे में भी आत्मविश्वास की कमी है तो ये टिप्स अपनाकर आप उसके भीतर खोया स्वयं पर विश्वास दोबारा जागा सकते हैं

अपना काम स्वयं करने दें- 
बच्‍चे को आत्‍मन‍िर्भर बनाना चाहते हैं, तो उसे अपने काम  जैसे कपड़े फोल्ड करना, अपने कमरे को साफ रखना, अपनी चीजों का ध्‍यान स्वयं रखना जैसी बातें स्वयं से करने दें आपके ऐसा करने से बच्‍चे को महसूस होगा कि उसे अपने क‍िसी काम के ल‍िए दूसरों पर न‍िर्भर नहीं रहना है बच्‍चों को अपनी जिम्मेदारी का अहसास होने पर वो जीवन में आने वाली हर बड़ी चुनौती का सामना करने से डरेंगे नहीं बल्कि उसका डटकर सामना करेंगे

सोशल बिहेवियर सिखाएं-
बच्‍चे को फैमिली और सोसाइटी में कैसा व्‍यवहार करना है, इसकी भी जानकारी दें पेरेंट्स बच्चे को प्रारम्भ से ही सिखाएं कि उसे दोस्तों और फैमली के साथ कैसे हेल्दी रिलेशनशिप मेंटेन रखनी है इसके लिए उसे लोगों से बात करने से लेकर दूसरों के विचारों तक का सम्मान कैसे करना है ये सभी बातें सिखाएं

हाइजीन पर दें ध्यान-
बच्चे को स्वच्छता और साफ-सफाई पर ध्‍यान देना सिखाएं पर्सनल ग्रूमिंग से आपका बच्‍चा हेल्दी रहने के साथ कॉन्फिडेंट भी महसूस करेगा इसके लिए आप उसे दांतों को स्वयं ब्रश करना सिखाएं, खाने के बर्तन को स्थान पर रखने की आदत डलवाएं, घर पर डस्टिंग और वैक्युमिंग करना, सिखाएं इसके अतिरिक्त उसे उसके आसपास के वातावरण को भी साफ रखने के लिए मोटीवेट करें

शब्दों का चयन सावधानी से करें-
माता-पिता का अपने बच्चे से बात करने का तरीका उनके आत्मसम्मान पर गहरा असर छोड़ता है ऐसे में बच्चे के आत्मविश्वास को मजबूत बनाए रखने के लिए पेरेंट्स को चाहिए कि इस बात का खास ख्याल रखें कि आप अपने बच्चे से कैसे बात करते हैं उन शब्दों का प्रयोग करने से बचें,  जो आपके बच्चे के जीवन पर बुरा असर डाल सकते हैं उदाहरण के लिए यदि आपका बच्चा होमवर्क करना भूल गया है तो उस पर चिल्लाने की स्थान उससे पूछें कि क्या हुआ, उसे अपनी कठिनाई बताने का मौका दें

निर्णय लेने की आजादी दें-
बचपन से ही बच्चे का आत्मविश्वास मजबूत बनाए रखने के लिए उसे छोटे-छोटे फैसला लेने की आजादी दें, उदाहरण के लिए उससे पूछें कि उसे नाश्ते में क्या खाना चाहिए, कौन सा खेल खेलना है या कौन सी फिल्म देखनी है ऐसे छोटे-छोटे फैसला लेने से आपके बच्चे का सेल्फ कॉन्फिडेंस बढ़ेगा

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