जाने टिप्स, जॉब सर्च करने में पैरेंट्स बच्चों को कैसे करें सहायता

जाने टिप्स, जॉब सर्च करने में पैरेंट्स बच्चों को कैसे करें सहायता

वर्तमान में चल रही कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी ने पैरेंट्स को हर तरह की अनिश्चितता में ला दिया है। जो लोग इस संकट के दौरान अपनी जॉब खो चुके हैं या सैलरी नहीं मिलने की चिंता ने इस पूरी स्थिति को तनावग्रस्त बना दिया है। जब आप अपनी जॉब खो चुके हैं, तो आप निर्बल महसूस करने लगते हैं व ऐसी स्थिति में अपने और अपने परिवार के स्वास्थ को बनाए रखना एक चुनौती का विषय बन जाता है। जब आप चाइल्डकेयर (Childcare) कर रहे हों, तो आप करियर में उत्पादक (Productive) बने रहें, यह एक बड़ी चुनौती हो सकती है। हालांकि जानकार इस बात से सहमत हैं कि अपने बच्चों की देखभाल करते हुए आप अपने करियर को पटरी पर लाने के लिए के लिए प्रयत्न करते हैं।

सोशल साइट्स का करें इस्तेमाल
जॉब खोजने के लिए आपके पास एक समर्पित ईमेल होना चाहिए व आपको इसे हमेशा देखते रहना चाहिए। हो सके तो आप एक ईमेल एकाउंट बनाएं जो सिर्फ जॉब के लिए हो व इसे अहमियत देना चाहिए। इस समय यह जरूरी है कि सबसे ज्यादा प्रमुख कार्यों में क्या करना चाहिए। उन सभी दोस्तों की एक सूची बनानी चाहिए जिन्हें आप पिछली नौकरियों से जानते हैं ताकि आप उन तक पहुंच सकें व अपने काम में उनसे योगदान ले सकें। अधिकतर सफलताओं में दूसरों की सहायता की जरूरत होती है। इसके साथ ही आप लिंक्डइन (LinkedIn) व ट्विटर (Twitter) जैसी सोशल साइट्स का प्रयोग कर सकते हैं। ऐसा करने से दूसरे लोग आपके पोस्ट पर कमेंट्स करेंगे जिससे आपको बहुत ज्यादा सहायता मिल सकती है।

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परिवार के साथ समय बिताना
जब आकस्मित इस तरह की परिस्थितियों के आधार पर आपको पालन पोषण व यहां तक ​​कि स्कूली एजुकेशन का सामना करना पड़ता है तो यह एक बहुत चुनौतीपूर्ण समय होता है लेकिन ऐसी परिस्थितियों में हमें घबराना नहीं चाहिए। घर से कार्य करने में सक्षम होना व परिवार के साथ समय बिताना कितने सौभाग्य की बात है। इस सारी ज़िम्मेदारी के साथ संतुलन बनाना अपने आप में एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है।

खेलना व प्रकृति की सैर करना
एक अभिभावक के रूप में स्वास्थ्य की देखभाल करना जरूरी है। स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए शारीरिक गतिविधियों में भी भाग लेना चाहिए। खेलना व प्रकृति की सैर करने जैसी गतिविधियां करनी चाहिए। माता-पिता को अपने बच्चों के बिस्तर की दिनचर्या को बहुत ठीक तरीका से संचालित करना चाहिए। बच्चो को नींद की कमी नहीं होने देना चाहिए। याद रखें, वे अभी भी सीख रहे हैं व बढ़ रहे हैं। उनकी गलतियों को समझें। देखभाल करें व बच्चे को बताएं कि आप उनके विश्वासपात्र हैं।