रोज सुबह-शाम ब्रश करने के बावजूद जाने क्यो होती है मुंह मे बदबू

रोज सुबह-शाम ब्रश करने के बावजूद जाने क्यो होती है मुंह मे बदबू

रोज सुबह-शाम ब्रश करने के बावजूद मुंह की बदबू दूर नहीं होती? माउथवॉश के नियमित प्रयोग से लेकर दांतों की सफाई तक सारे पैंतरे आजमाकर देख लिए, पर कोई लाभ नजर नहीं आ रहा?

अगर हां तो समझ जाइए कि आपके खानपान में कुछ कमी है. या फिर आपको पानी की खपत बढ़ाने की आवश्यकता है. ब्रिटेन के जाने-माने दंत चिकित्सा अस्पताल लंदन हाइजीनिस्ट का हालिया अध्ययन तो कुछ यही बयां करता है.

1.कम पानी पीना
-शोधकर्ता एना मिडिलटन के मुताबिक पानी कम पीने पर मुंह में लार का उत्पादन घट जाता है. इससे खाने के कण दांतों व मंसूड़ों के बीच में फंसकर सड़न पैदा करने लगते हैं. यही नहीं, सूखे मुंह में कीटाणुओं को अपनी संख्या बढ़ाने में भी सरलता होती है.
-क्या करें : रोज कम से कम दो लीटर पानी पिएं. खाने के बाद कुल्ला जरूर करएं. इस दौरान दांतों व मंसूड़ों को उंगली से रगड़कर साफ करना न भूलें.

2.कार्बोहाइड्रेट से परहेज
-वजन घटाने के चक्कर में लोग फैट ही नहीं, कार्बोहाइड्रेट से भी दूरी बना लेते हैं. इससे शरीर ऊर्जा के लिए पहले से संरक्षित फैट का प्रयोग प्रारम्भ कर देता है. फैट को ऊर्जा में तब्दील करने की प्रक्रिया में ‘कीटोन’ पैदा होते हैं, जो मुंह की दुर्गंध का सबब बन सकते हैं.
-क्या करें : दूध-दही, पनीर, वस्तु से पूरी तरह से परहेज न करें. मैदे से तौबा करें, पर गेहूं, बाजरे, जौ के आटे से नहीं. व्हाइट ब्रेड, नूडल्स, पास्ता न खाएं.

3.डिप्रेशन, अनिद्रा की दवा
-एना ने बताया कि डिप्रेशन व अनिद्रा के उपचार में प्रयोग होने वाली दवाएं मुंह से बदबू आने की वजह हो सकती हैं. रक्तचाप घटाने वाली गोली खाने पर भी यह समस्या पेश आ सकती है. इसका मुख्य कारण इन दवाओं के सेवन से मुंह सूखने की समस्या पनपना है.
-क्या करें : दिनभर में कम से कम 10 से 12 गिलास पानी पिएं. शरीर में तरल पदार्थ का स्तर बनाए रखने में नारियल/नींबू पानी का सेवन भी फायदेमंद.

4.कॉफी का नशा
-कॉफी में उपस्थित कैफीन शरीर से पानी बाहर निकलने की प्रक्रिया को गति देता है. यही नहीं, ज्यादा कॉफी पीने से मुंह में लार का उत्पादन भी घट जाता है, जो कीटाणुओं को फलने-फूलने में सहायता करता है. फुल क्रीम दूध मिली कॉफी के सेवन पर मुंह से बदबू आने की समस्या कहीं ज्यादा बढ़ सकती है.
-क्या करें : कॉफी की स्थान चाय का सेवन बेहतर. अगर कॉफी के बिना नहीं रह सकते तो पानी की खपत बढ़ाएं. शुगर फ्री मिंट च्युइंगगम भी चबाते रहें.

5.सिगरेट की लत
-तंबाकू न सिर्फ दांतों-मंसूड़ों में सड़न का सबब बनता है, बल्कि मुंह का स्वाद भी छीन लेता है. यही कारण है कि धूम्रपान के शौकीन लोग ज्यादा खट्टा या मिर्च बर्दाश्त नहीं कर पाते. उन्हें मंसूड़े में सूजन की शिकायत भी सताती है. कीटाणु सूजे मंसूड़ों के बीच सरलता से बढ़ते हैं व बदबू पैदा करते हैं.
-क्या करें : सिगरेट की लत से छुटकारा पाने की प्रयास करें. तंबाकू की तलब शांत करने के लिए लौंग, इलायची व सूखा नारियल खा सकते हैं.

6.शराब का सेवन
-बकौल एना, शराब शरीर से पानी बाहर निकलने की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है. ज्यादा सेवन से एसिडिटी की समस्या भी पनपती है. पेट में उपस्थित अम्ल जब गले में पहुंचते हैं तो मुंह से दुर्गंध आना लाजिमी है. यही नहीं, शराब दांतों व मंसूड़ों में सड़न की शिकायत को भी जन्म दे सकती है.
-क्या करें : सप्ताह में एक या दो दिन से ज्यादा शराब न पिएं. व्हाइट वाइन के मुकाबले रेड वाइन का सेवन करें, जिसमें उपस्थित रेवास्ट्रॉल दिल की स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है.