आंबेडकर अस्पताल में इन किरणों से हो रहा है स्कीन के रोगों का उपचार

आंबेडकर अस्पताल में इन किरणों से हो रहा है स्कीन के रोगों का उपचार

राजधानी के आंबेडकर अस्पताल के स्कीन (चर्म) एवं रतिज रोग विभाग में स्कीन से संबंधित सभी प्रकार की बीमारियों का उपचार किया जाता है. विभाग में अत्याधुनिक लेजर मशीन से अनचाहे बालों, मुहांसों, चेचक के दाग व जले के निशानों को हटाने की सुविधा के साथ-साथ टैटू, गोदना, मस्सा, तिल, काले दाग, स्कीन के असामान्य रंग (अनइवन स्किन टोन) की समस्या का उपचार लेजर से किया जाता है.

इसके लिए किसी प्रकार की ऑपरेशन की जरूरत नहीं पड़ती. केवल उत्सर्जित प्रकाश के जरिए दर्द रहित उपचार होता है. लेजर किरणों से इलाज में बहुत ज्यादा कम समय लगता है. इससे दाग-धब्बे भी दूर हो जाते है. स्कीन पर निशान नहीं रहता. विभागाध्यक्ष डाक्टर पीके निगम ने बताया कि स्कीन से सम्बन्धित ऐसी कई बीमारियां होती हैं, जिन्हें प्रारंभिक समय में नजरअंदाज करने पर बढ़ जाती है, जो आगे चलकर घातक साबित हो सकती है. डाक्टर मृत्युजंय सिंह ने बताया कि प्रतिदिन ओपीडी में करीब 250 से 350 नए तथा पुराने, प्रत्येक आयु वर्ग के मरीज स्कीन की बीमारियों के साथ पहुंच रहे हैं. मौसम बदलाव से भी स्कीन में खुजली, दाने, इत्यादि की समस्या बढ़ रही है. केमिकल युक्त प्रसाधनों के उपयोग से भी कई मरीज एलर्जी के शिकार हो रहे है व ओपीडी पहुंच रहे हैं.

ये सुविधाएं भी

माइनर सर्जरी प्रोसीजर, केमिकल पीलिंग, इलेक्ट्रो कॉटरी, स्किन बायोप्सी, कुष्ठ रोग की अलग क्लिनिक, यौन संचारित रोग (एसटीडी) क्लिनिक, सेंट्रल कारागार में सालाना कैदियों के लिये विशेष कैम्प, रेलवे अस्पताल में स्किन स्क्रीनिंग कैम्प, मेडिकल ऑफिसर्स को ट्रेनिंग की सुविधा उपलब्ध है.