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आखिर क्यों लगा होता है सेब पर स्टीकर, जानें इसका सही जवाब

आपने कभी गौर किया है कि सेब पर चिपका स्‍टीकर क्‍यों होता है? ज़्यादातर लोग बस उसे हटाकर सेब खा जाते हैं, पर ये स्‍टीकर सिर्फ़ सजावट नहीं, बल्कि सेब की कहानी कहता है!

आजकल संतरे पर भी स्‍टीकर चिपकाने का चलन बढ़ रहा है. कई बार हम सोचते हैं कि स्‍टीकर वाले सेब ज़्यादा महंगे होते होंगे, पर सच तो यह है कि स्‍टीकर स्वास्थ्य से जुड़ा है, मूल्य से नहीं. जब भी आप सेब खरीदने जाएं, तो स्‍टीकर पर लिखे कोड को ज़रूर पढ़ें. ये कोड आपको बताता है कि आप क्‍या खा रहे हैं!

स्‍टीकर पर लिखे कोड की भाषा:

1. 4 से प्रारम्भ होने वाला 4 अंकों का कोड : जैसे 4026, 4987. इसका मतलब है कि ये सेब कीटनाशक और रसायनों से उगाए गए हैं. इनमें पेस्टिसाइड्स का भरपूर प्रयोग किया गया है. ये सबसे सस्‍ते होते हैं.

2. 8 से प्रारम्भ होने वाला 5 अंकों का कोड : जैसे 84131, 86532. इसका मतलब है कि ये सेब जीएम (जेनेटिकली मॉडिफाइड) हैं, यानि इनमें अनुवांशिक परिवर्तन किया गया है. ये भी ऑर्गेनिक नहीं होते.

3. 9 से प्रारम्भ होने वाला 5 अंकों का कोड : जैसे 93435. इसका मतलब है कि ये सेब जैविक रूप से उगाए गए हैं. इनमें कोई कीटनाशक का प्रयोग नहीं हुआ. ये सबसे सुरक्षित और महंगे होते हैं.

भारत में नकली स्‍टीकर का खेल:

भारत में अक्‍सर सेब और संतरे पर स्‍टीकर तो लगा होता है, पर उस पर कोड की स्थान ‘एक्‍सपोर्ट क्‍वालिटी’, ‘बेस्‍ट क्‍वालिटी’ या ‘प्रीमियम क्‍वालिटी’ जैसे शब्द लिखे होते हैं. ये नकली स्‍टीकर होते हैं जो खरीदारों को बरगलाने के लिए लगाए जाते हैं.

सावधानी:

  • ऐसे सेब खरीदते समय सावधानी बरतें और खाने से पहले गर्म पानी में अच्‍छी तरह धो लें.
  • स्‍टीकर वाली स्थान की स्किन को चाकू से काटकर निकाल दें.

याद रखें: सेब पर चिपका स्‍टीकर सिर्फ़ सजावट नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की कहानी कहता है.

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