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क्यों महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल, जानिए मामला

 खंडवा जिले में नर्मदा नदी के ऊपर बने मोरटक्का पुल पर इस समय भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है. प्रतिबंध की वजह से खंडवा और बुरहानपुर के लोगों को पेट्रोल और डीजल 2 रुपये लीटर महंगा मिल रहा है. अब पेट्रोल पंप मालिकों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से इस समस्या का हल निकालने के लिए गुहार लगाई है.

बता दें कि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से गुहार तो लगाई लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई हल नहीं निकला है. दोनों ही जिलों में लगभग 5 -5 लाख लीटर डीजल और पेट्रोल की हर महीने खपत हो रही है और आम उपभोक्ता महंगा पेट्रोल-डीजल लेने को मजबूर है.

दरअसल 6 महीने पहले सितंबर माह में नर्मदा नदी में आई बाढ़ के कारण मोरटक्का पर बना वर्षों पुराना ब्रिज डैमेज हुआ था. बाढ़ का पानी उतरने के बाद शासन ने एक्सपर्ट कमेटी से इसकी जांच करवाई थी. इस जांच रिपोर्ट में भारी वाहनों के निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो अभी आज तक जारी है.  यही कारण है कि 20 टन से ज्यादा वजनी वाहन इस ब्रिज से नहीं निकल पा रहे हैं. पेट्रोल और डीजल के टैंकर लगभग 27 टन वजनी होते हैं, इसी कारण इंदौर बस डिपो से निकलने वाले डीजल और पेट्रोल के टैंकर खरगोन के रास्ते खंडवा और बुरहानपुर पहुंच रहे हैं.

महाराष्ट्र बॉर्डर वालों की बढ़ी चिंता
वहीं ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने की वजह से पेट्रोल कंपनियों ने 1 रुपये 38 पैसे लीटर की बढ़ोतरी की है. रिटेल पेट्रोल पंप तक यह ईंधन लगभग  2 रुपये प्रति लीटर उपभोक्ताओं को महंगा मिल रहा है. इस बात को लेकर कांग्रेस के प्रतिनिधियों और पेट्रोल पंप संचालकों ने भी जिला कलेक्टर से समाधान निकालने की गुहार लगाई है. पेट्रोल पंप संचालकों ने कहा कि महाराष्ट्र बॉर्डर पर स्थित होने के कारण उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ रहा है, क्योंकि महाराष्ट्र में ईंधन सस्ता है.

20 टन से ज्यादा भारी वाहनों पर प्रतिबंध
इधर जिला प्रशासन का कहना है कि नर्मदा नदी में आई बाढ़ के कारण लगभग तीन दिन तक भारी मात्रा में पानी इस ब्रिज के ऊपर से निकला था. इस वजह से ब्रिज के कुछ पिलर में दरारें आई थी. एक्सपर्ट कमेटी से इसकी जांच हुई, तो उसे रिपेयर भी कर दिया लेकिन कमेटी की रिपोर्ट में 20 टन से ज्यादा भारी वाहनों के लिए इसे प्रतिबंधित कर दिया है. तभी से यहां डीजल और पेट्रोल के 20 टन से ज्यादा वजनी टैंकर नहीं निकल पा रहे हैं. जिला प्रशासन ने कहा कि एक बार और एक्सपर्ट कमेटी से इसका परीक्षण करने के बाद कोई समाधान निकालेंगे.

 

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