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बिजली की बढ़ती मांग के लिए जीवाश्म ईंधन का उत्पादन बढ़ाने का हरसंभव होगा प्रयास : जोशी

नयी दिल्ली गवर्नमेंट ने बुधवार को बोला कि राष्ट्र के बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति जारी रहेगी और वह बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए जीवाश्म ईंधन का उत्पादन बढ़ाने का हरसंभव कोशिश करेगी
केंद्र अपनी जिम्मेदारियों और नवीकरणीय संसाधनों से 50 फीसदी ऊर्जा प्राप्त करने तथा साल 2070 तक सही शून्य कार्बन उत्सर्जन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से भी अवगत है
वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी के आठवें दौर की आरंभ पर कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, ‘‘भारत पहले से कहीं अधिक बिजली की खपत कर रहा है राष्ट्र में बिजली की अधिकतम मांग पहले ही 240 गीगावाट तक पहुंच गई है और साल 2030 तक यह मांग दोगुनी होने की आसार है इसलिए, हालांकि कोयले से पैदा होने वाली बिजली की हिस्सेदारी में गिरावट आ सकती है हालांकि, कुल मिलाकर यह बढ़ेगा’’

मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि सामूहिक प्रयासों से हिंदुस्तान कोयला खनन में सतत विकास सिद्धांतों को अपनाने के साथ-साथ मांग को पूरा करने में सक्षम होगा
वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी के आठवें दौर में कुल 39 खदानों को बिक्री के लिए रखा गया है
मंत्री ने कहा, ‘‘कुल 39 कोयला ब्लॉक में कोयले के वाणिज्यिक खनन के लिए नीलामी की 8वीं किस्त प्रारम्भ करने के लिए आज एक विशेष दिन है विशेष क्योंकि आज जनजातीय गौरव दिवस भी है जो हिंदुस्तान के जनजातीय समुदायों के दिल में गहराई से गूंजता है’’
कोयला क्षेत्र और आदिवासी समुदाय के बीच गहरा संबंध और बंधन की बात को रेखांकित करते हुए उन्होंने बोला कि नीलामी के लिए रखे जा रहे इन 39 कोयला ब्लॉक में से अधिकतर कोयला-गहन राज्यों में केंद्रित हैं और एक बार ये खदानें चालू हो जाएंगी, तो ब्लॉक से संबंधित जनजातीय समुदायों की बड़ी जनसंख्या को फायदा होगा
एक बार पूरी तरह से चालू होने के बाद इन कोयला खदानों से कोयला-गहन क्षेत्रों में 33,000 करोड़ रुपये से अधिक का कुल निवेश आने की आसार है

 

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