रेलवे कर्मचारियों को लेकर आई बड़ी खबर सुनकर हो जाएंगे हैरान

रेलवे कर्मचारियों को लेकर आई बड़ी खबर सुनकर हो जाएंगे हैरान

 रेलवे में कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने और भष्ट्राचार को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए प्रत्येक दिन बड़े निर्णय लिए जा रहे हैं अश्विनी वैष्णव ने इस बारे में जानकारी दी है रेलमंत्री ने बोला है कि भारतीय रेलवे को पूरी तरह से भष्ट्राचार मुक्त करने के लिए समय-समय पर कई खास कदम उठाए जा रहे हैं 

139 ऑफिसरों ने लिया VRS
पिछल् 16 महीनों में रेलवे ने हर 3 दिन में एक नॉन परफॉर्मर या फिर किसी भी तरह से भ्रष्टाचर कर रहे ऑफिसरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है साथ ही 139 ऑफिसरों को इस दौरान वीआरएस लेने के लिए भी विवश किया गया है इसके अतिरिक्त 38 ऑफिसरों को उनकी सेवाओं से हटा दिया गया है 

विभाग ने दिखाया बाहर का रास्ता
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय रेलवे ने 2 सीनियर ग्रेड के ऑफिसरों को भी बर्खास्त कर दिया है रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बोला है कि ‘काम करो या बाहर जाओ’संदेश बहुत ही सीधा और साफ है जुलाई 2021 के बाद से अबतक हर 3 दिन में 1 करप्ट अधिकारी को बाहर निकाला गया है 

2 महीने के बराबर मिलती है सैलरी
अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक, जिन भी लोगों को वीआरएस लेने के लिए बोला गया है उनमें सिग्नलिंग, इलेक्ट्रिक, सिविल सेवा, स्टोर, चिकित्सा और यातायात से जुड़े हुए लोग थे वीआरएस सुविधा के अनुसार कर्मचारियों को हर वर्ष के लिए 2 महीने के बराबर सैलरी दी जाती है वहीं, जो लोग जरूरी रिटायरमेंट लेते हैं उन लोगों को यह सुविधा नहीं मिलती है 

अश्विनी वैष्णव ने जुलाई 2021 से संभाला है कार्यभार
अश्विनी वैष्णव ने जुलाई 2021 से अपने कार्यभार को संभाला है तब से लेकर के अबतक गवर्नमेंट की ओर से ऑफिसरों को बार-बार चेतावनी दी जाती रही है कि यदि वह प्रदर्शन नहीं करेंगे तो वीआरएस लेकर अपने घर बैठें