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CIP में नियुक्ति व वित्तीय गड़बड़ी की जांच के लिए केंद्रीय जांच टीम पहुंची संस्थान

रांची : केंद्रीय मन: चिकित्सा संस्थान (सीआइपी) में पिछले कुछ सालों में की गयी नियुक्ति, वित्तीय तथा खर्च में अनियमितता की जांच के लिए केंद्रीय जांच टीम संस्थान पहुंच गयी है टीम के सदस्यों ने संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी के कार्यालय कक्ष में बैठ कर जांच कार्य प्रारम्भ कर दिया है इस बीच टीम के सदस्यों ने आम लोगों सहित संस्थान के कर्मचारियों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से निडर होकर संस्थान में नर्सिंग अधिकारी सहित अन्य नियुक्ति तथा वित्तीय अनियमितता की कम्पलेन या इससे संबंधित किसी प्रकार के कागजात प्रस्तुत कर सकते हैं कोई भी कर्मचारी और आदमी टीम के सदस्य से संस्थान में प्रशासनिक अधिकारी के कार्यालय कक्ष में 27 अक्तूबर 2023 की सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक आकर संपर्क कर सकते हैं इसके अतिरिक्त कोई भी आदमी टीम के सदस्य से पर्सनल रूप से भी मिल सकते हैं टेलीफोन नंबर 0651-2451114 पर भी संपर्क किया जा सकता है

दो व्यक्तियों पर हो चुकी है कार्रवाई :

बताया जाता है कि सीआइपी में नियुक्ति और वित्तीय गड़बड़ी की जांच कर रही टीम की अनुशंसा पर ही अब तक दो व्यक्तियों पर कार्रवाई की गयी है इनमें निदेशक पद से डॉ बी दास को हटाने सहित वरीय नर्सिंग अधिकारी सह कंप्यूटर ऑपरेटर निर्मलया चक्रवर्ती को निलंबित करना शामिल है संस्थान में अप्रैल 2021 को नर्सिंग के 22 पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा ली गयी थी कहा जाता है कि परीक्षा से पूर्व ही प्रश्न पत्र लीक सहित कई गड़बड़ियां सामने आयी थी गड़बड़ी के कारण कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों द्वारा बवाल भी किया गया नियुक्ति में गड़बड़ी सहित वित्तीय अनियमितता की कम्पलेन केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के डीजी सहित अन्य वरीय ऑफिसरों के पास लिखित रूप से की गयी थी

सीआइपी एलुमनी का विरोध

सीआइपी एलुमनी एसोसिएशन ने गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख एल मंडाविया को पत्र लिख कर केंद्रीय मन: चिकित्सा संस्थान में गैर मनोचिकित्सक को निदेशक बनाने का विरोध किया है एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ एएन वर्मा ने पत्र में लिखा है कि सीआइपी एक प्रतिष्ठित संस्थान है निदेशक डॉ वासुदेव दास को बिना किसी कारण के हटाने के फैसला से एसोसिएशन के सदस्य हतप्रभ हैं साथ ही इसका विरोध किया है सीआइपी में नियमानुसार किसी मनोचिकित्सक को निदेशक बनाये जाने का प्रावधान है, लेकिन वर्तमान निदेशक गैर मनोचिकित्सक हैं अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया है कि इस फैसला पर एक बार पुनर्विचार कर किसी अनुभवी मनोचिकित्सक को निदेशक बनाया जाये

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