लेटैस्ट न्यूज़

स्कूलों में चलेगा एंटी ड्रग और नार्कोटिक्स कैंपेन

ड्रग और नार्कोटिक्स को लेकर जागरूकता अभियान राज्य के सभी कैटेगरी के विद्यालयों में चलाया जाएगा. यह अभियान 18 जून से प्रारम्भ हो रहा है जो 25 जून तक चलेगा. इस कैंपेन का हिस्सा सरकारी, गैर सरकारी सहायता प्राप्त, गैर सहायता प्राप्त, अल्पसंख्यक और निजी विद्यालय हो इसकी नज़र विद्यालय लेबल पर की जाए. बच्चे के व्यवहार में क्या कोई परिवर्तन आ रहा है और यदि परिवर्तन हो रहा है तो उसका कारण क्या है? इसे समझना होगा. नशे के खिलाफ अभियान में बाल संसद और एसएमसी सदस्यों की किरदार पर प्रकाश डाला.

स्कूलों के आसपास नशीले पदार्थ बिके तो कार्रवाई
झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक आदित्य रंजन ने बोला कि विद्यालयों के आसपास यदि नशीले पदार्थो का सेवन या बिक्री हुआ तो विद्यालय पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बोला कि राज्य के 35000 से अधिक विद्यालयों के शिक्षकों का यह दायित्व है कि वह सुनिश्चित करेंगे कि उनके विद्यालय के क्षेत्र में कोई ऐसा असामाजिक कार्यो में संलिप्त ना हो.वे सचेत रहेंगे तभी विद्यार्थियों को नशे से बचाया जा सकता है. उन्होंने बीआरपी/सीआरपी को ऐसे विद्यालयों को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया जिनके आसपास नशीले पदार्थो की बिक्री या सेवन होने का शक है. उन्होंने इस अभियान की कामयाबी के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल कल्याण विभाग, एनजीओ, पुलिस डिपार्टमेंट अथवा इस क्षेत्र के जानकारों हर एक की किरदार को जरूरी बताया.राज्य के सभी विद्यालयों में 18 से 22 जून तक प्रत्येक दिन कोई न कोई एक्टिविटी होगी. इसके अनुसार 18 जून को क्विज प्रतियोगिता, 19 जून को पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, 20 जून को निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. 22 जून को प्रभात फेरी आयोजित की जाएगी, इसके बाद विद्यालय में स्पीच, स्लोगन मेकिंग और पेंटिंग प्रतियोगिता होगी.24 जून को साइकिल रैली और 25 जून को प्रार्थना सभाओं में जागरूकता संदेश पढ़ा जाएगा. 26 जून को विश्व नशा निवारण दिवस के दिन संकल्प और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.

104 केजी नशीला द्रव्य सील, लगातार जारी है अभियान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधीक्षक एस शरीक ओमर ने बोला कि एनसीबी लगातार राज्य में अभियान चला रही है. अबतक 104 किलोग्राम नशीला द्रव्यों को सीज़ किया जा चुका है. यह अभियान लगातार जारी है. उन्होंने संयुक्त देश चार्टर और कन्वेंशंस के हवाले से कई जरूरी जानकारियां दी.

उन्होंने बोला कि ऐसे नशीला द्रव्य जो दिमाग पर सीधा असर करे उसे नारकोटिक्स ड्रग्स बोला जाता है. इसका सेवन बहुत घातक है. उन्हें झारखंड के चतरा, खूंटी और रांची जिले में ड्रग्स के कंपल्सिव इस्तेमाल पर चिंता जाहिर करते हुए इसके रोकथाम को समय की आवश्यकता बताया.
एनसीसी से बच्चे विनय और आत्मसंयमित हो रहे
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एनसीसी (नेशनल कैडेट कॉर्प्स) के ग्रुप कमांडेंट कर्नल राजीव कुमार ने झारखंड में एनसीसी की किरदार पर प्रकाश डाला. कर्नल राजिव कुमार ने बोला कि आज के समय में एनसीसी झारखंड के 24 में से 12 जिलों को कवर करती है.पूरे राष्ट्र में 14 लाख बच्चे एनसीसी में शामिल है और इसके माध्यम से उनके जीवन में विनय और आत्मसंयमित होने का गुण विकसित हुआ है. उन्होंने बोला कि झारखंड के 12 जिलों में एनसीसी 9 यूनिट में फैला है.

Related Articles

Back to top button