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भिंड में 3 मौतों के बाद पानी की होगी री-टेस्टिंग

भिंड के फूप में दूषित पानी पीने से तीन मौतों के बाद प्रशासन में खलबली मचा है. बुधवार के बाद पानी की दोबारा टेस्टिंग कराई है. जांच रिपोर्ट को री-चेक कराए जाने के लिए ऐसा किया जा रहा है. अब वार्डों में सप्लाई होने वाले पानी में क्लोरीन भी मिलाई गई है.

इसके बाद गुरुवार को फिर से वार्ड 7 में पीएचई टीम ने सैंपल लिए हैं. इसमें यह जांच की जाएगी कि क्लोरीन मिलाने के बाद बैक्टीरिया पर क्या असर हुआ है.

गौरतलब है कि तीन दिन पहले फूप के 5,6 और 7 वार्ड में दूषित पानी से लोग बीमार होने लगे थे. सोमवार से बुधवार तक दो बुजुर्गों और एक बालिका की मृत्यु हो गई. इसके बाद पीएचई विभाग द्वारा लिए मंगलवार को सैंपल लिए थे. रिपोर्ट में नाइट्रेट और नुकसानदायक बैक्टीरिया मिला था.

यह समाचार मीडिया में आने के बाद प्रशासन के अफसरों ने कठोरता बरती है. मंगलवार को लिए गए सैंपल की री-टेस्टिंग कराई जा रही है. पीएचई विभाग की लैब में फिर से पुराने सैंपल को री-टेस्टिंग के लिए लैब टेक्नीशियन ने लगा दिया है. पुरानी टेस्टिंग रिपोर्ट और री-टेस्टिंग के बाद आने वाली रिपोर्ट में बैक्टीरिया की जांच रिपोर्ट देखी जाएगी.

मुस्कान की मृत्यु के तीन दिन बाद पानी का सैंपल

इधर, वार्ड 7 में तीन घरों से नए सैंपल पीएचई विभाग की टीम ने लिए. यह टीम ने वार्ड 7 में रहने वाले गणेश शर्मा और अशोक कंकोरिया के घर से पानी के सैंपल मंगलवार को लिए थे. गुरुवार को दोनों घरों से नए सैंपल लिए गए हैं. इसके अलावा, तीसरा सैंपल मृतका मुस्कान खान के घर से लिया. बता दें, मुस्कान की मृत्यु मंगलवार को हो गई थी.

वार्ड में कई स्थान नाली का लीकेज

वार्डों में गंदा पानी आने बाद भी अभी लीकेज पर सुधार नहीं हो पाया. वार्डों में नयी पाइप लाइन से पानी सप्लाई करने की हिदायत दी गई है, लेकिन नयी पाइप लाइन से प्रेशर कम रहने के कारण चौधरमन मोहल्ला समेत वार्ड 6 के ऊंचे एरिया में पानी नहीं पहुंच रहा. लोग पुरानी लीकेज ठीक कराने और पानी दिए जाने की मांग कर रहे हैं.

वार्ड 6 और 7 में सरकारी विद्यालय के पास पानी सप्लाई का चैम्बर है. यहां चैम्बर में गंदा पानी जमा होता है. यहां नाले का पानी चैम्बर में पहुंच रहा है. ऐसे ही हालात नगर पंचायत के पास नाला के पास की स्थिति है. यहां पर भी पानी सप्लाई के लिए चैम्बर बनाया गया है. यहां भी गंदा पानी चैम्बर में भर जाता है. ऐसे कई अन्य पॉइंट भी हैं, जहां गंदा पानी जमा होता है.

चैम्बर को सुधार कराए जाने को लेकर कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने नगर पालिका सीएमओ हनुमंत सिंह भदौरिया से रिपोर्ट मांगी है. सीएमओ ने चैंबर सहीं कराने और खुले पड़े नलों में टोंटी और बंद कराने की बात कही है.

लैब टेक्नीशियन के अनुसार पानी के सैंपल जांच के लिए आया था. उसमें केमिकल लगाकर जांच की जाती है. फूप के आए सैंपल में नाइट्रेट बढ़ा हुआ पाया. चेकिंग के लिए पुन: लगाए गए हैं. यह अफसरों के निर्देशन पर आए गए.

नगरीय प्रशासन आयुक्त को लिखेंगे पत्र

कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव का बोलना है कि अब तक पीएचई द्वारा तैयार जांच रिपोर्ट के आधार पर अमृत योजना पर काम करने वाली टेंडर कंपनी के विरुद्ध आयुक्त नगरीय प्रशासन को पत्र लिखा जा रहा है. कुछ सैंपल की रिपोर्ट ग्वालियर के मेडिकल कॉलेज से आना बाकी है. यह रिपोर्ट आने के बाद यद्यपि पानी में प्रदूषण पाया गया, तो कार्रवाई सुनिश्चित है. हालांकि मंगलवार को लिए गए सैंपल की टेस्टिंग जांच को पुन: कराया गया है. नए सैंपल भी लिए गए हैं.

भिंड के फूप में जिस पानी को पीकर लोग बीमार हो रहे हैं. उसमें तय मात्रा से अधिक नाइट्रेट मिला है. पानी के सैंपल की जांच में ये बात सामने आई है. पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री आरके सिंह राजपूत ने दैनिक भास्कर को कहा कि फूप में सप्लाई होने वाले पीने के पानी के 6 सैंपल लिए गए थे. पूरी समाचार पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

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