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टेस्ला हिंदुस्तान में लोकल मैन्युफैक्चरिंग बेस करना चाहती है स्थापित

इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी टेस्ला भारतीय बाजार के साथ-साथ एक्सपोर्ट के लिए एक नयी कार पर काम करने का प्लान बना रही है. कार की मूल्य लगभग 20 लाख रुपए ($24,000) होने की आसार है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि टेस्ला के प्रतिनिधि इस महीने हिंदुस्तान के कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल से मिलेंगे और बजट-फ्रेंडली ईवी उत्पादन के लिए हिंदुस्तान में फैक्ट्री लगाने पर चर्चा करेंगे.

रिपोर्ट बताती है कि टेस्ला हिंदुस्तान में लोकल मैन्युफैक्चरिंग बेस स्थापित करना चाहती है. प्रस्तावित फैक्ट्री न सिर्फ़ भारतीय बाजार में किफायती ईवी की मांग को पूरा करेगी बल्कि एक्सपोर्ट हब के रूप में भी काम करेगी. टेस्ला की 20 लाख रुपए की कार गेमचेंजर साबित हो सकती है. अभी टेस्ला की सबसे सस्ती कार मॉडल 3 सेडान है. इसकी मूल्य $32,200 (26.32 लाख रुपए) है.

बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार टेस्ला दक्षिणी हिंदुस्तान और गुजरात में अपनी गीगाफैक्ट्री लगा सकती है. इस अत्याधुनिक फैक्ट्री में हर वर्ष लगभग 5 लाख व्हीकल बनाने की क्षमता होगी. व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग के अतिरिक्त टेस्ला का टारगेट पूरे राष्ट्र में एक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करना भी है. वहीं एलन मस्क अगले वर्ष यानी 2024 में हिंदुस्तान भी आने वाले हैं.

पिछले महीने पीएम मोदी से मिले थे एलन मस्क
पिछले महीने एलन मस्क ने पीएम मोदी से न्यूयॉर्क में मुलाकात की थी. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद टेस्ला के हिंदुस्तान आने की टाइम लाइन के बारे में पूछे जाने पर मस्क ने बोला था, ‘मुझे विश्वास है कि टेस्ला जल्द हिंदुस्तान में होगी.

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अमेरिकी दौरे पर पीएम मोदी और एलन मस्क की मुलाकात की तस्वीर.

टेस्ला के चार मॉडल बाजार में
अमेरिकन बाजार में अभी टेस्ला की चार इलेक्ट्रिक कारें बेची जा रही हैं. इनमें मॉडल S, मॉडल 3, मॉडल x और मॉडल Y शामिल हैं. इनमें मॉडल 3 सबसे सस्ती कार है. अमेरिका में इसकी मूल्य 3$32,200 (26.32 लाख रुपए) है. ये कार एक बार फुल चार्ज करने पर 535 किलोमीटर चलती है.

टेस्ला और गवर्नमेंट के बीच नहीं बनी थी बात

पिछले वर्ष टेस्ला ने हिंदुस्तान आने की ख़्वाहिश जताई थी, लेकिन तब कंपनी और गवर्नमेंट के बीच बात नहीं बन पाई थी. टेस्ला ने गवर्नमेंट से पूरी तरह से असेंबल गाड़ियों पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को 100% से घटाकर 40% करने की मांग की थी.

  • कंपनी चाहती थी कि उसकी गाड़ियों को लग्जरी नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक व्हीकल माना जाए, लेकिन गवर्नमेंट ने बोला था कि दूसरे राष्ट्रों से इंपोर्ट किए जाने वाले किसी भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर इंपोर्ट ड्यूटी माफ या कम करने का कोई भी इरादा नहीं है.
  • सरकार ने बोला था कि यदि टेस्ला हिंदुस्तान में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का कमिटमेंट करती है तो इंपोर्ट पर छूट देने पर विचार किया जाएगा. हालांकि, मस्क चाहते थे कि पहले हिंदुस्तान में कारों की बिक्री की जाए, इसके बाद प्लांट लगाने का विचार किया जाएगा.
  • 27 मई 2022 को भी एक ट्वीट में रिप्लाई करते हुए एलन मस्क ने बोला था, ‘टेस्ला ऐसे किसी लोकेशन पर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट नहीं लगाएगी जहां उसे पहले से कारों को बेचने और सर्विस की परमिशन नहीं है.

 

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