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जाने अगस्त 2023 में कब है पंचक…

हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को प्रारम्भ करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त, राहुकाल पर विशेष ध्यान दिया जाता है. इसी तरह हर महीने में 5 दिनों का अशुभ काल होता है, जिसमें शुभ कार्य काफी हद तक वर्जित होते हैं. इन पांच दिनों को पंचक बोला जाता है. अगस्त का महीना प्रारम्भ हो चुका है और इस महीने की आरंभ यानी 2 अगस्त से ही पंचक प्रारम्भ हो रहा है, जो 6 अगस्त को खत्म होगा. बुधवार से प्रारम्भ होने वाला यह पंचक अशुभ नहीं रहेगा

पंचक क्या है?

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पंचक के दौरान चंद्रमा कुंभ राशि से पांच दिनों तक मीन राशि में रहेगा. इस काल को पंचक बोला जाता है. पांच नक्षत्रों का योग पंचक है जो धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र का योग है.

अगस्त 2023 में पंचक कब है?

हिंदू कैलेंडर के मुताबिक पंचक 2 अगस्त को रात 11.26 बजे प्रारम्भ हो रहा है और 6 अगस्त को सुबह 1.43 बजे खत्म होगा

कौन सा पंचक किस दिन है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, पंचकों का नाम दिन के आधार पर रखा जाता है और प्रत्येक पंचक भिन्न-भिन्न रिज़ल्ट देता है. सोमवार से प्रारम्भ होने वाले पंचक को राज पंचक, मंगलवार को अग्नि पंचक, शुक्रवार को चोर पंचक, शनिवार को मृत्य पंचक और रविवार को बीमारी पंचक बोला जाता है. बुधवार और गुरुवार का योग अशुभ नहीं माना जाता है.

पंचक के दौरान न करें ये काम

मुहूर्त चिंतामणि के मुताबिक पंचक में पांच कार्य वर्जित हैं.

अग्नि-चौरभयं रोगं राजपैदा धनक्षति:

संग्रह तृण-कष्ठानां कृते वासवदि-पंचके

अर्थ:- पंचक में घोड़े और लाठियों को इकट्ठा करने का अर्थ है अग्नि का भय, चोरों का भय, रोग, दरिद्रता का भय और धन की हानि.

पंचक के दौरान लकड़ी एकत्रित न करें और न ही खरीदें. यदि आप घर बना रहे हैं तो पंचक के दौरान कभी भी छत न बनाएं. जिसके कारण उस घर में रहने वाले लोग शांति से नहीं रह पाते हैं. पंचक के दौरान किसी की मौत होना बहुत अशुभ माना जाता है. पंचक के दौरान दाह संस्कार वर्जित है. अगर ऐसा करना है तो कुछ नियमों का पालन करना होगा पंचक के दौरान सोफे, खाट आदि न बनाएं और न ही खरीदें. पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचें

अगस्त 2023 में पंचक कितने बजे है?

दिन 1: पंचक 2 अगस्त, बुधवार से प्रारम्भ होता है

अगले दिन 11:26 से 05:43 तक

श्रावण अधिक मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि

दिन 2: 3 अगस्त, गुरुवार, पूरे दिन पंचक

भद्रा समय: 4 अगस्त को प्रातः 02:28 बजे से प्रातः 05:44 बजे तक

श्रावण अधिक मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि

दिन 3: 4 अगस्त, शुक्रवार, पूरे दिन

कुलीन: 05:44 से 12:45 तक

श्रावण अधिक मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि

दिन 4: 5 अगस्त, शनिवार, पूरे दिन

श्रावण अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि

दिन 5: 6 अगस्त, शनिवार, सुबह 05:45 बजे से दोपहर 01:43 बजे तक

श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि

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