जानें अब क्‍या है बोकारो स्टील लिमिटेड का प्‍लान...

जानें अब क्‍या है बोकारो स्टील लिमिटेड का प्‍लान...

बोकारो झारखंड के बोकारो के सेक्टर 4 में स्थित सोवियत क्लब आज भी हिंदुस्तान और रूस के मजबूत रिश्तो की नींव की गवाही देता है 1965 में बोकारो स्टील प्लांट के निर्माण में तत्कालीन सोवियत संघ का काफी योगदान रहा था इस दौरान रूस के जानकार को यहां बुलाया गया था इसके लिए बोकारो स्टील लिमिटेड के चेयरमैन एनएन वांचू और सोवियत रूस के सरगिवी के बीच समझौता हुआ था इसके साथ ही हिंदुस्तान और सोवियत संघ के रिश्तों में मजबूती आई थी

रूस से आए जानकारों और उनके स्वजनों के लिए बीएसएल की ओर से सेक्टर 4 में आवासीय भवन और सोवियत क्लब का निर्माण कराया गया था इसमें विदेशी अतिथियों के मनोरंजन और खेलकूद के लिए पूरी प्रबंध की गई थी क्लब में एयरकंडीशंड और ओपन थियेटर बनाए गए थे एयरकंडीशंड थियेटर में वहां की फिल्म दिखाई जाती थीं जबकि ओपन थियेटर में विदेशी कलाकार नाटक का मंचन किया करते थे इसके अतिरिक्त स्वीमिंग पूल और बास्केटबाल न्यायालय का भी निर्माण कराया गया था जहां वे सुबह शाम खेला करते थे यह क्लब उनके मनोरंजन का प्रमुख केंद्र था

क्‍लब में प्रवेश करते ही रूस के एक योद्धा की प्रतिमा दिखती है इसकी गोद में एक जर्मन बच्ची और दाएं हाथ में तलवार है प्रतिमा में वह टूटे हुए स्वास्तिक पर खड़ा दिख रहा है यहां ब्लामिदिर लेनिन का कटआउट भी उपस्थित है, जो रूस के इतिहास से लोगों को अवगत कराता है

क्‍लब को देखने आते हैं लोग
हालांकि बीएसएल के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद रसियन अतिथि अपने राष्ट्र लौट गए, लेकिन यहां उपस्थित सेबियत क्‍लब आज भी शहर वासियों को उनकी याद दिलाता है देखरेख के अभाव में विदेशी अतिथियों के लिए बनाए गए आवासीय भवन और क्‍लब समय के साथ जर्जर होता चला गया इस क्‍लब को देखने आज भी लोग यहां आते हैं

जानें अब क्‍या है बोकारो स्टील लिमिटेड का प्‍लान?
बोकारो स्टील लिमिटेड के सीजीएम पीआर धान ने बताया कि सोबियत क्लब का निर्माण विदेशी अतिथियों के लिए बनाया गया था उनके यहां से लौटने के बाद से यह खाली पड़ा है समय से साथ भवन कमजोर हो गए हैं आने वाले समय में नए प्रोजेक्ट के लिए इसका उपयोग किया जाएगा उन्होंने बोला कि आवासीय भवन का जीर्णोद्धार किया जा रहा है वहां कंपनी के डॉक्टरों को शिफ्ट किया जाएगा