प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक फोन और JDU की सभी फिजा बदल गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक फोन और JDU की सभी फिजा बदल गई

राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू के साथ पीएम मोदी (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक टेलीफोन और JDU की सभी फिजा बदल गई. जो JDU केंद्र गवर्नमेंट के कई योजनाओं का विरोध कर रहा था. वहीं, JDU अब बीजेपी के तरफ से NDA के उम्मीदवार राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू का समर्थन ही नहीं बल्कि प्रस्तावक भी बन रहा है. बताया जा रहा है यह तब हुआ जब पीएम मोदी ने सीएम नीतीश कुमार से टेलीफोन पर बात की और उसके बाद JDU पूरी तरह से बीजेपी के पक्ष में नजर आने लगी. इस बात की जानकारी सीएम नीतीश कुमार ने स्वयं दी और बोला कि पीएम ने टेलीफोन पर उनसे बात की थी और जेडीयू राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू के लिए प्रस्तावक होगी और JDU की तरफ से राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, दिलेश्वर कामत, चंदेश्वर चंद्रवंशी, सुनील कुमार पिंटू और आलोक कुमार सुमन प्रस्तावक बनेंगे.

पारस के सभी 5 MP भी बने प्रस्तावक

उधर, लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान द्रोपदी मुर्मू को समर्थन देने की बात कही तो उनके चाचा केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने शीघ्र में द्रोपदी मुर्मू को समर्थन ही नहीं दिया बल्कि अपने सभी सांसदों को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए प्रस्तावक बना दिया. राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए द्रोपदी मुर्मू के नाम की घोषणा के साथ ही चिराग पासवान ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर समर्थन देने की बात कही थी.

बिहार बीजेपी से दोनों उपमुख्यमंत्री भी प्रस्तावक

वही, बिहार बीजेपी की तरफ से दोनों डिप्टी मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद और रेनू देवी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू की प्रस्तावक बनेंगे. प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बताया कि राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए जो लोकसभा के ह्विप हैं वह प्रस्तावक बनते हैं. उनका ही काम होता है कि वो प्रस्तावक के लिए सभी राज्यों को MP की प्रबंध करें. बिहार के तरफ से दोनों डिप्टी मुख्यमंत्री प्रस्तावक होंगे. उन्होंने यह भी बताया कि पिछली दफा वह जब लोकसभा में ह्विप थे तो तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के प्रस्तावक बने थे. अमूमन राष्ट्रपति का उम्मीदवार 3 सेट में अपना नॉमिनेशन करते हैं और हर सेट में 50-50 सांसद प्रस्तावक होते हैं. ऐसे में इस बार भी ऐसी ही प्रबंध की जाएगी.


बोर्ड-निगम बंटवारे पर जल्‍द शुरू होगा काम

बोर्ड-निगम बंटवारे पर जल्‍द शुरू होगा काम

 हेमंत सोरेन गठबंधन गवर्नमेंट के सत्ता में आये ढाई वर्ष पूरे होने को है गवर्नमेंट के लिए चुनावी वादों को पूरा करने के साथ बोर्ड-निगम बंटवारा सबसे अहम मामला है इसको लेकर बीते दिनों जेएमएम सुप्रीमो शिबू सोरेन की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय राज्य समन्वय समिति का गठन किया गया है समिति की पहली बैठक हो चुकी है अगली बैठक के बाद बोर्ड – निगम बंटवारे पर काम प्रारम्भ हो जाएगा बोर्ड निगम की अगली बैठक मांडर उपचुनाव (रविवार 26 जून) मतगणना के बाद कभी भी बुलायी जा सकती है

इससे पहले 17 जून की समन्वय समिति की पहली बैठक में मांडर उपचुनाव के साथ-साथ तीनों दलों के चुनावी घोषणा पत्र पर आधारित न्यूनतम साझा कार्यक्रम, राज्य में खाली बोर्ड – निगम के पदों को भरने और 20 सूत्री, 15 सूत्री के गठन आदि विषयों पर चर्चा हुई थी इसके साथ ही गवर्नमेंट में सभी दलों की बेहतर साझेदारी हो, इस विषय पर भी विमर्श किया गया

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राज्य समन्वय समिति में झारखण्ड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस पार्टी और आरजेडी के 9 सदस्यों को शामिल किया गया है जेएममम सुप्रीमो शिबू सोरेन समिति के अध्यक्ष हैं अन्य 8 सदस्यों में कांग्रेस पार्टी से आलमगीर आलम, राजेश ठाकुर, बंधु तिर्की, आरजेडी से सत्यानन्द भोक्ता और जेएमएम से विनोद कुमार पांडेय, फागु बेसरा, सरफराज अहमद एवं योगेंद्र प्रसाद लिए गए हैं