जैन साध्वी सौभाग्यमती माता का पारसनाथ के लिए प्रस्थान, जैन समाज के लोगों ने नम आखों से दी माता को विदाई

जैन साध्वी सौभाग्यमती माता का पारसनाथ के लिए प्रस्थान, जैन समाज के लोगों ने नम आखों से दी माता को विदाई

झारखंड / कोडरमा
परम पूज्य 105 जैन साध्वी सौभाग्यमती गुरु मां शुक्रवार को झुमरी तिलैया से सम्मेद शिखर पारसनाथ के लिए पैदल प्रस्थान कर गर्इं। गुरु मां जैन तीर्थ भदलपुर शीतलनाथ जैन मंदिर इटखोरी का दर्शन करते हुए सम्मेद शिखर पारसनाथ पहुंचेगी। शुक्रवार का उनका रात्रि विश्राम महतोआरा में पप्पू जैन छाबड़ा के फ्लावर मिल में हुआ। गुरु मां के 5 महीना झुमरी तिलैया में चतुर्मास प्रवास के दौरान लोगों ने प्रवचन और भक्ति के द्वारा धर्म का बहुत लाभ लिया। गुरु मां का यहां से प्रस्थान करने पर जैन समाज के सभी लोग बहुत ही दुखी हुए।समाज के लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। जैन साध्वी ने कहा कि  जैन संत, साध्वी रमता जोगी बहता पानी की तरह हैं यह एक स्थान पर कभी भी नहीं रहते हैं। धर्म की प्रभावना के लिए अलग-अलग स्थान, धर्म क्षेत्र, पर जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जैन समाज और झुमरी तिलैया के लोग बहुत ही धर्म प्रिय हैं। इस मौके पर जैन समाज के पदाधिकारियों के द्वारा पंडित पंकज कुमार और अभिषेक जैन शास्त्री को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया।

मौके पर कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप जैन पांड्या, मंत्री ललित शेट्टी,उप मंत्री राज छाबड़ा, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र काला, सरोज जैन , सुनील जैन शेट्टी ,जयकुमार गंगवाल,मंदिर निर्माण के संयोजक सुरेश जैन झांझरी, सुशील जैन छाबड़ा, शैलेश छाबड़ा, महिला समाज की अध्यक्ष नीलम जैन सेठी, आशा गंगवाल, किरण जैन,ममता सेठी निवर्तमान पार्षद पिंकी जैन आदि लोग उपस्थित थे। यह जानकारी जैन समाज के मीडिया प्रभारी नवीन जैन और राजकुमार जैन अजमेरा ने दी।


भारत दर्शन के लिए 17 दिसंबर को धनबाद से खुलेगी ट्रेन,यात्रियों को भारत दर्श करने का मिलेगा आसान मौका 

भारत दर्शन के लिए 17 दिसंबर को धनबाद से खुलेगी ट्रेन,यात्रियों को भारत दर्श करने का मिलेगा आसान मौका 

मनोज पांडेय की रिपोर्ट
झारखंड/कोडरमा। इंडियन रेलवे कैटरिंग टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड भारत सरकार ने पर्यटकों की मांग पर कोडरमा होते हुए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एवं शिरडी ज्योतिर्लिंग दर्शन के साथ पश्चिम भारत दर्शन के लिए आस्था सर्किट स्पेशल पर्यटन ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। इस ट्रेन का प्रतिदिन का किराया 900 रुपये प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से लिया जाएगा।यह ट्रेन 17 दिसंबर को धनबाद से खुलेगी और गोमो, कोडरमा, गया, तिलैया, राजगीर, नालंदा, बिहार शरीफ, बख्तियारपुर, पटना, आरा, बक्सर, दिलदारनगर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन होते हुए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, द्वारकाधीश मंदिर, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, शिरडी त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग आदि तीर्थ स्थलों का दर्शन कराते हुए 29 दिसंबर को वापस लौटेगी। यह पूरी यात्रा 12 रात और 13 दिन की होगी। इसका कुल किराया सभी कर सहित 12,285  रुपये है। उपरोक्त तीर्थ स्थल तीर्थ यात्रियों के लिए कोरोना के निर्देशों का पालन करते हुए दर्शन करने के लिए खुल चुका है। 
 स्लीपर क्लास में होगी यात्रा: इस यात्रा में पर्यटकों के लिए स्लीपर क्लास से यात्रा, शाकाहारी भोजन, घूमने के लिए बस, रहने के लिए धर्मशाला की व्यवस्था तथा प्रत्येक कोच में सिक्योरिटी गार्ड, मास्क और सैनिटाइजर की उपलब्धता एवं टूर एस्कॉर्ट की व्यवस्था की गई है। यह जानकारी आईआरसीटीसी पटना के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार ने दी है।