ध्वजाधारी आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित, पर्यावरण के प्रति आजाद योगा टीम का प्रयास सराहनीय: शालिनी 

ध्वजाधारी आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित, पर्यावरण के प्रति आजाद योगा टीम का प्रयास सराहनीय: शालिनी 

मनोज पांडेय की रिपोर्ट
झारखंड/ कोडरमा 
रविवार को जिला मुख्यालय स्थित ध्वजाधारी धाम आश्रम परिसर में बड़ी संख्या में फलदार एवं अन्य वृक्ष लगाए गए। आजाद योगा टीम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला परिषद प्रधान शालिनी गुप्ता थीं। उन्होंने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस टीम के द्वारा पिछले कई दिनों से पूरे परिसर की साफ-सफाई की जा रही थी। सफाई के साथ ही अब वृक्षारोपण का कार्य प्रशंसनीय है। इससे अन्य लोगों को प्रेरणा मिलेगी और विभिन्न धार्मिक एवं महत्वपूर्ण स्थलों की साफ सफाई हो सकेगी।उन्होंने कहा कि पेड़ पौधे हैं, तभी मानव जीवन है। ऐसे में इस तरह के कार्यों से पर्यावरण संरक्षण को बड़ा बल मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान बरगद, आम, अमरूद, पारिजात, कटहल, मोहगनी के अलावा उड़हुल, एलोबेरा, गिलोय समेत अन्य पेड़ पौधे लगाए गए। इसके पहले जिला परिषद प्रधान शालिनी गुप्ता ने आश्रम परिसर पहुंचकर महामंडलेश्वर महंत सुखदेव दास जी का भी आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम के दौरान आजाद योगा टीम के अध्यक्ष संतोष साहू ने बताया कि पिछले 5 दिनों से उनकी टीम पूरे परिसर की साफ सफाई में लगी है।

अगले सप्ताह झरना कुंड परिसर की साफ सफाई की जाएगी और यह क्रम निरंतर चलता रहेगा। आश्रम परिसर की भी प्रत्येक रविवार साफ सफाई की जाएगी और योग का अभ्यास किया जाएगा। मौके पर संस्थापक अजीत कुमार आजाद, संतोष कुमार साहू, सुजीत नायक, महावीर पासवान, अरुण पासवान, भैरव पासवान, दिनेश पासवान, संजय वर्मा, सुरेश कुमार पंडित, अनिल कुमार साह, मुकेश कुमार साह, आजाद शर्मा, रंजीत यादव, हरिदेव साव, उमाशंकर, समाजसेवी भीम साहू, राष्ट्रीय तैलिक महा संगठन के अध्यक्ष किशोर साव, शिक्षक रामचंद्र ठाकुर, दिलीप वर्णवाल, संजीव समीर, सुशील अग्रवाल, अजीत वर्णवाल, शंभूलाल, विकास कुमार, सुंदर सोनी समेत अन्य लोग मौजूद थे।


सिमडेगा पुलिस की कलंक कथा: रायपुर से 80 लाख की आभूषण चोरी केस में बड़ा खुलासा, बांसजोर के तालाब से मिले गहने

सिमडेगा पुलिस की कलंक कथा: रायपुर से 80 लाख की आभूषण चोरी केस में बड़ा खुलासा, बांसजोर के तालाब से मिले गहने

सिमडेगा पुलिस की कलंक कथा का पन्ना खुल गया है सूत्र बता रहे हैं कि छत्तीसगढ़ के रायपुर से चोरी हुए गहने पुलिस जवानों की निशानदेही पर तालाब से बरामद कर लिए गए हैं बता दें कि इस मुद्दे में पहले ही बांसजोर थाना प्रभारी निलंबित किये जा चुके हैं केस रायपुर से 80 लाख के गहनों की डकैती का है इस मुद्दे की पुलिस मुख्यालय के आदेश पर जाँच हुई है जो जानकारी सामने आ रही है इसके मुताबिक इस काण्ड में पुलिसकर्मियों ने रिकवर्ड किए गए जेवरातों के बारे में आधी-अधूरी जानकारी शेयर की थी और बरामद हुए गहनों की पूरी रिकवरी नहीं दिखाई गई थी पुलिसवालों से हुई पूछताछ के बाद ही ये गहने बरामद किए गए हैं हालांकि, एसपी सिमडेगा ने केवल इतनी ही पुष्टि की है कि कुछ गहने मिले हैं, पर कैसे मिले इसके खुलासे के लिए थोड़ा इन्तजार करें

बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के रायपुर में ज्वेलरी शोरूम से 80 लाख के गहनों की चोरी हुई थी मुद्दे में सिमडेगा पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान आरोपियों को हिरासत में लिया था इसके बाद सिमडेगा पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के गहने बरामद किए थे हालांकि 2 दिनों तक आरोपियों को पकड़ने के बाद इसकी सूचना छत्तीसगढ़ पुलिस से छिपाई गई थी इसके बाद 2 आरोपियों की गिरफ्तारी और 25 लाख के जेवरों की रिकवरी की ही जानकारी  दी गई थी

मामले को लेकर रायपुर पुलिस ने सिमडेगा के बांसजोर ओपी के पुलिसवालों की कार्यशैली पर संभावना जाहिर की थी छत्तीसगढ़ पुलिस ने झारखंड पुलिस के वरीय ऑफिसरों के साथ सबूत शेयर किए थे
मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए बांसजोर ओपी प्रभारी को तब सस्पेंड कर दिया गया था वहीं मुद्दे की उच्चस्तरीय जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था