पार्षद पिंकी ने थैलेसीमिया पीड़ित को दिया ब्लड

पार्षद पिंकी ने थैलेसीमिया पीड़ित को दिया ब्लड

झुमरी तिलैया / नगर परिषद क्षेत्र की निवर्तमान पापर्षद पिंकी जैन ने शुक्रवार को थैलेसीमिया से पीड़ित 5 वर्षीय कुंदन कुमार को सदर अस्पताल कोडरमा में अपना ब्लड डोनेट कर मदद की। इस बच्चे का ब्लड ग्रुप अइप्लस था जो इस समय ब्लड बैंक में नहीं है। उसे आपातकालीन खून की आवश्यकता थी। बच्चे की मां गुड़िया देवी पिछले तीन दिनों से अपने बच्चे को ब्लड दिलाने के लिए परेशान थी।बच्चे का हीमोग्लोबिन बहुत कम हो गया था। व्हाट्सएप में डाले गए अपील पर पिंकी जैन ने बच्चे की मां से बात कर ब्लड दिया। ब्लड देने के बाद पिंकी जैन ने कहा कि जरूरतमंद बच्चे को ब्लड देने के बाद मुझे बहुत खुशी हो रही है। किसी की जान बचाने में मेरा रक्त काम आए, इससे बड़ा नेक कार्य कोई हो नहीं सकता। मानवता की सेवा ही सच्ची सेवा है। हम सभी लोगों को समय-समय पर जरूरतमंदों के लिए ब्लड डोनेट अवश्य करना चाहिए। मौके पर उनके पति रोटरी सचिव नवीन जैन मौजूद थे।


सिमडेगा पुलिस की कलंक कथा: रायपुर से 80 लाख की आभूषण चोरी केस में बड़ा खुलासा, बांसजोर के तालाब से मिले गहने

सिमडेगा पुलिस की कलंक कथा: रायपुर से 80 लाख की आभूषण चोरी केस में बड़ा खुलासा, बांसजोर के तालाब से मिले गहने

सिमडेगा पुलिस की कलंक कथा का पन्ना खुल गया है सूत्र बता रहे हैं कि छत्तीसगढ़ के रायपुर से चोरी हुए गहने पुलिस जवानों की निशानदेही पर तालाब से बरामद कर लिए गए हैं बता दें कि इस मुद्दे में पहले ही बांसजोर थाना प्रभारी निलंबित किये जा चुके हैं केस रायपुर से 80 लाख के गहनों की डकैती का है इस मुद्दे की पुलिस मुख्यालय के आदेश पर जाँच हुई है जो जानकारी सामने आ रही है इसके मुताबिक इस काण्ड में पुलिसकर्मियों ने रिकवर्ड किए गए जेवरातों के बारे में आधी-अधूरी जानकारी शेयर की थी और बरामद हुए गहनों की पूरी रिकवरी नहीं दिखाई गई थी पुलिसवालों से हुई पूछताछ के बाद ही ये गहने बरामद किए गए हैं हालांकि, एसपी सिमडेगा ने केवल इतनी ही पुष्टि की है कि कुछ गहने मिले हैं, पर कैसे मिले इसके खुलासे के लिए थोड़ा इन्तजार करें

बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के रायपुर में ज्वेलरी शोरूम से 80 लाख के गहनों की चोरी हुई थी मुद्दे में सिमडेगा पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान आरोपियों को हिरासत में लिया था इसके बाद सिमडेगा पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के गहने बरामद किए थे हालांकि 2 दिनों तक आरोपियों को पकड़ने के बाद इसकी सूचना छत्तीसगढ़ पुलिस से छिपाई गई थी इसके बाद 2 आरोपियों की गिरफ्तारी और 25 लाख के जेवरों की रिकवरी की ही जानकारी  दी गई थी

मामले को लेकर रायपुर पुलिस ने सिमडेगा के बांसजोर ओपी के पुलिसवालों की कार्यशैली पर संभावना जाहिर की थी छत्तीसगढ़ पुलिस ने झारखंड पुलिस के वरीय ऑफिसरों के साथ सबूत शेयर किए थे
मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए बांसजोर ओपी प्रभारी को तब सस्पेंड कर दिया गया था वहीं मुद्दे की उच्चस्तरीय जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था