WHO ने कहा- ब्रिटेन में मिला वायरस का नया स्ट्रेन 50 और साउथ अफ्रीका में मिला वैरिएंट 20 देशों तक पहुंचा

WHO ने कहा- ब्रिटेन में मिला वायरस का नया स्ट्रेन 50 और साउथ अफ्रीका में मिला वैरिएंट 20 देशों तक पहुंचा

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, सबसे पहले ब्रिटेन में मिला कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन अब तक 50 देशों में पहुंच चुका है। वहीं, साउथ अफ्रीका में मिले दूसरे वैरिएंट की 20 देशों में पुष्टि हो चुकी है। ऑर्गेनाइजेशन ने जापान में मिले तीसरे वैरिएंट पर भी चिंता जताते हुए कहा है कि यह इम्यून रिस्पॉन्स पर असर डाल सकता है। इसकी और जांच की जरूरत है।

WHO ने कहा कि कोरोना वायरस जितना ज्यादा फैलता है, उसके उतने ही बदलने के चांस होते हैं। बड़े पैमाने पर इसके फैलने का मतलब है कि इसके और वैरिएंट सामने आ सकते हैं। यही वायरस कोरोना का कारण बनता है। ब्रिटेन में पहली बार 14 दिसंबर को नए स्ट्रेन का केस सामने आया था। इसे VOC 202012/01 नाम दिया गया है।

इसके टेस्ट रिजल्ट से पता चला कि यह हर उम्र और लिंग के लोगों पर एक जैसा फैलता है। हालांकि, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग से सामने आया कि इसके फैलने की दर सामान्य वायरस से ज्यादा है। वहीं, पहली बार 18 दिसंबर को साउथ अफ्रीका में मिला 501Y.V2 वैरिएंट अब 20 देशों में पाया गया है।

'दोनों वैरिएंट को कम करके आंका गया'

WHO की वीकली रिपोर्ट में कहा गया है कि साउथ अफ्रीका में चल रही शुरुआती जांच से यह मुमकिन है कि 501Y.V2 वैरिएंट पहले वाले के मुकाबले ज्यादा फैलने वाला हो। इसके अलावा, यह नया वैरिएंट ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण नहीं बनता है। हालांकि नए केस की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण हेल्थ सिस्टम पर दबाव बढ़ जाता है। WHO ने कहा कि दोनों वैरिएंट के दुनिया में फैलाव को कम करके आंका गया है।

दुनिया में नौ करोड़ 21 लाख मरीज

दुनिया में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 9.21 करोड़ के ज्यादा हो गया। 6 करोड़ 80 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक 19 लाख 73 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। ये आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं। CNN ने जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के हवाले से बताया है कि अमेरिका में मरने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।

श्रीलंका में नए वैरिएंट का पहला केस मिला

कोरोना का नया स्ट्रेन श्रीलंका भी पहुंच गया है। यहां एक ब्रिटिश नागरिक में इसकी पुष्टि हुई है। हेल्थ मिनिस्ट्री के अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि संक्रमित मरीज एक या दो सप्ताह पहले देश में आया था। आगे की जांच चल रही है। श्रीलंका में अब तक कोरोना वायरस के 49 हजार से ज्यादा केस का पता चला है। 244 मरीजों की मौत हो चुकी है।

US जाने वालों को कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी

अमेरिका ने देश में आने वाले लोगों के लिए यह बताना जरूरी कर दिया है कि उन्हें कोरोना नहीं है। 26 जनवरी से यह सिस्टम काम करने लगेगा। अमेरिका में कोरोनो के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साथ ही उसे नए स्ट्रेन का डर भी सता रहा है।

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, अमेरिका में आने वाले हर शख्स को कोरोना नेगेटिव होने का पेपर या इलेक्ट्रोनिक प्रूफ दिखाना होगा। यह रिपोर्ट तीन दिन से ज्यादा पुरानी नहीं होना चाहिए। यह ऑर्डर CDC के डायरेक्टर रॉबर्ट रेडफील्ड ने मंगलवार को जारी की है।

अमेरिका में एक दिन में चार हजार लोगों की मौत

अमेरिका में बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन के बावजूद कोरोना के केस बढ़ रहे हैं।

अमेरिका में वैक्सीनेशन ड्राइव के बावजूद संक्रमण ही नहीं मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। मंगलवार को यहां करीब चार हजार लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी CNN ने जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के हवाले से दी है।

अमेरिका में अब तक कुल मिलाकर 3.89 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को दो लाख 22 हजार के करीब नए मामले भी सामने आए। अमेरिका में अब तक करीब 9 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

नीदरलैंड्स में लॉकडाउन बढ़ा
नीदरलैंड्स सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में फिलहाल जो पाबंदियां लागू हैं, उनमें किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और लोगों को पांबदियों का सख्ती से पालन करना होगा। हेल्थ मिनिस्ट्री ने हाई अलर्ट जारी रखा है और लॉकडाउन तीन हफ्ते बढ़ा दिया है। सरकार ने एक बयान में कहा- यह बात सभी जानते हैं कि हमारे पास फिलहाल और कोई रास्ता भी नहीं है। संक्रमण कम नहीं हो रहा है। देश में कोरोनावायरस का नया वैरिएंट भी मिल चुका है। इसको लेकर हम ज्यादा फिक्रमंद हैं।

फ्रांस में राहत के संकेत
फ्रांस सरकार के प्रवक्ता गेब्रियलस एटल ने कहा है कि देश में अब और लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। यूरोप 1 रेडियो स्टेशन को दिए इंटरव्यू में एटल ने कहा- हमने बहुत संयम के साथ दो लॉकडाउन का पालन किया और कराया है। देश के लोगों की वजह से ही हम हालात को काबू में करने में सफल रहे हैं। लिहाजा, अब और लॉकडाउन की जरूरत नहीं है। लेकिन, हालात न बिगड़ें इसलिए हेल्थ डिपार्टमेंट की गाइडलाइन्स का पालन जरूर करना होगा। वरना हालात फिर खराब हो सकते हैं। फ्रांस सरकार ने बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन प्रोग्राम भी शुरू कर दिया है। इस महीने के आखिर तक 20 लाख लोगों को वैक्सीनेट करने का प्लान बनाया गया है।


1.9 ट्रिलियन डॉलर के रिलीफ पैकज का ऐलान, जो बाइडन का अमेरिकियों को तोहफा

1.9 ट्रिलियन डॉलर के रिलीफ पैकज का ऐलान, जो बाइडन का अमेरिकियों को तोहफा

वॉशिंगटन अमेरिकी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन  ने पहले से ही बड़े कदम उठाएं हैं।  उन्होंने कोरोना वायरस की मार से देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 1.9 ट्रिलियन डॉलर के राहत पैकेज का ऐलान किया है। उनके इस कदम से हर अमेरिकी के खाते में सीधे 1400 डॉलर जाएंगे। इस पैकेज में कोरोना से लड़ने के लिए 415 बिलियन डॉलर दिए गए हैं। जबकि छोटे बिजनेस के लिए 440 बिलियन डॉलर का ऐलान किया गया है

3 लाख 85 हज़ार से ज्यादा लोगों की मौत
बता दें कि अमेरिका में अब तक कोरोना वायरस से 3 लाख 85 हज़ार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। बाइडन ने चुनाव प्रचार के दौरान ही कोरोना से लड़ने के लिए बड़े कदम उठाने का वादा किया था। जो बाइडन ने चुनाव प्रचार के दौरान ही कोरोना से लड़ने के लिए बड़े कदम उठाने का वादा किया था। उनका ये ऐलान उस वक्त आया है जब अमेरिका में इन दिनों हर दिन कोरोना के औसतन 2 लाख नए केस आ रहे हैं। जबकि हर रोज़ 4 हज़ार लोगों को मौत हो रही है। टीवी पर प्राइम टाइम स्पीच के दौरान उन्होंने कहा, ‘हमारे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था चुनौतियों का सामना कर रही है।  हमें तुरंत इस पर कदम उठाने होंगे। हम ठोकरें खाएंगे। लेकिन हम हमेशा आपके साथ ईमानदार रहेंगे।

अमेरिका में इमरजेंसी अप्रूवल
डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान ही दो वैक्सीन को अमेरिका में इमरजेंसी अप्रूवल दी गई। लेकिन अब अधिकारियों का कहना है कि वैक्सीनेशन में तेजी लानी होगी। बाइ़डन ने कहा है कि वो देश के कोने-कोने में वैक्सीन पहुंचाना चाहते हैं। बाइडन के मुताबिक देश भर में कोरोना की टेस्टिंग को भी बढ़ाई जाएगी।

लगातार बढ़ रही बेरोजगारी
अमेरिका में इस वक्त बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। फिलहाल वहां करीब 18 मिलियन लोग बेरोजगार हैं। अब बाइडन के नए ऐलान से ऐसे लोग जिन्हें नौकरी नहीं है उन्हें 300 डॉलर हर हफ्ते के बदले 400 डॉलर मिलेंगे। नव-निर्वाचित राष्ट्रपति ने हर घंटे की न्यूनतम मजदूरी 15 डॉलर से दोगुना करने का वादा किया है। कहा जा रहा है कि ट्रंप की पार्टी नए भारी भरकम पैकेज का विरोध कर सकती है।

डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान ही दो वैक्सीन को अमेरिका में इमरजेंसी अप्रूवल दी गई। लेकिन अब अधिकारियों का कहना है कि वैक्सीनेशन में तेजी लानी होगी। बाइ़डन ने कहा है कि वो देश के कोने-कोने में वैक्सीन पहुंचाना चाहते हैं। वाइडन के मुताबिक देश भर में कोरोना की टेस्टिंग को भी बढ़ाई जाएगी।


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