अमेरिका के रक्षा विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रपति ट्रंप का विरोध करते हुए बोली यह बड़ी बात

अमेरिका के रक्षा विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रपति ट्रंप का विरोध करते हुए बोली यह बड़ी बात

अमेरिका के रक्षा विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रपति ट्रंप का विरोध करते हुए बोला है कि अब तक ये बात पूरी तरह से साफ़ नहीं हुई हैं कि बेरुत में बड़े पैमाने पर कोई विस्फोटक 'हमला' हुआ था। 

वहीं इस बात का पता चला है कि 'अमेरिका के रक्षा केन्द्र के 3 अधिकारियों ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि ट्रंप वास्तव में क्या बात की जा रही थी। ' CNN के मुताबिक एक ऑफिसर ने बताया कि अगर उस क्षेत्र में किसी बड़े हमले व साजिश के बारें में कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है, तो क्षेत्र में अमेरिका के सैनिकों की वृद्धि प्रारम्भ हो सकती है।

जिसके पहले, मंगलवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से वार्तालाप करते हुए, ट्रंप ने विस्फोट होने के उपरांत लेबनान के लोगों के प्रति सहानुभूति जताई थी व उन्होंने इस घटना को 'गंभीर हमले' का करार दिया। व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से वार्तालाप में ट्रंप ने बताया था, 'अमेरिका की सेना के कई जनरल ने मुझे बोला है कि बेरुत का धमाका किसी तरह के बम से इस घटना को पूरा किया गया था। लेबनान ने इसे हमला नहीं बोला है लेकिन ये ऐसा ही प्रतीत होता है। ट्रंप ने आगे बताया कि ये किसी भी तरह से देखा जाए संसार के लिए एक हानि पहुंचने जैसा ही है। ट्रंप ने दावा किया कि ये एक बेहद खतरनाक हमले की तरह दिखई दे रहा है। '

जंहा इस बारें में उन्होंने आगे बोला कि लेबनान को इस घटना को बम धमाके के एंगल से कार्रवाई की जा रही है। जंहा इस बात का पता चला है कि लेबनान की बेरुत में मंगलवार को एक बड़ा विस्फोट हुआ था, जिससे कई इमारतों को हानि पहुंची। अल जज़ीरा ने बोला था कि धमाके का बल बहुत ज्यादा अधिक था व इससे सड़कों पर दहशत फैल गई व हर जगह कांच के टुकड़े नज़र आ रहे है। हालांकि विस्फोट की वजह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन आरंभिक रिपोर्टों में बताया गया है कि विस्फोट बेरुत के बंदरगाह क्षेत्र में हुआ था जिसमें गोदाम थे। उनमें एक गोदाम में पटाखे जमा किए गए थे, जहां धमाका किया गया।