अमरीका में कोरोना वायरस को लेकर उठाए गए यह बड़े कदम, अब होगी रोकथाम

अमरीका में कोरोना वायरस को लेकर उठाए गए यह बड़े कदम, अब होगी रोकथाम

अमरीका में कोरोना वायरस का पहला मुद्दा आने के साथ ही इसके फैलाव को लेकर कई शोध किए जा रहे हैं. इसमें यह निष्कर्ष सामने आया है कि संक्रमण धीरे-धीरे मगर स्तत गति से बढ़ रहा है. दो माह के आंकड़ों से पता चलता है कि वायरस एक एक्पोनेंशियल कर्व की तरह फैल रहा है.

तीन दिनों में दोगुने हो रहे मरीज

इसके आधार पर तीन दिनों के अंदर कोरोना के मुद्दे दोगुने हो रहे है. ऐसे में अमरीका में एक समय बाद 100 मिलियन से अधिक मुद्दे सामने आ सकते हैं. विशेषज्ञों का बोलना है कि इस फैलाव को अगर रोकना है तो लोगों को एक-दूसरे से दूरी बनानी पड़ेगी. लोगों को अपने मूवमेंट को रोकना पड़ेगा.

अगर इसके फैलाव के गणित को समझा जाए तो बीते एक माह में यह सिर्फ बीमार इंसान से स्वास्थ्य इंसान में ट्रांसमिट हो रहा है. उदाहरण के तौर पर पांच मरीजों के समूह से ये संक्रमण ज्यादा दूर तक नहीं जा सकता है.इस दौरान कुछ लोग इससे रिकवर भी होते हैं. जो किसी को वायरस ट्रांसमिट नहीं कर सकते हैं. किसी शहर में 200 लोग कोरोना की जद में हैं तो यह तेजी से फैलेगा. यह लोग सारे शहर की जनसंख्या में कोरोना को फैला सकते हैं. यहां पर स्वास्थ व बीमार का आंकड़ा तेजी बदल सकता है.

330 मिलियन लोग वायरस की जद में होंगे

बीमारी का यह आंकड़ा स्थान व आकार के हिसाब से बदलता रहता है. सारे अमरीका की बात करें तो करीब 330 मिलियन लोग इस वायरस की जद में आ सकते हैं, अगर किसी क्षेत्र से निकले कोरोना वायरस के मरीज सारे देश में फैलेंगे तो. यह प्रक्रिया धीमी होगी मगर इसमें तेजी से बीमार व स्वास्थ्य इंसान का आंकड़ा बदलेगा.

लॉकडाउन हालात से भी बचना संभव नहीं

वहीं लॉकडाउन हालात से भी इसे रोका नहीं जा सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार यह साबित हो चुका है कि बीमार जनसंख्या को किसी एक स्थान पर सील नहीं किया जा सकता है. अमरीकी हेल्थ कमिश्नर लीना वेन के अनुसार कोई भी प्रशासन पूरी तरह से लॉकडाउन वाली हालात को लागू नहीं कर सकता है. एक मरीज अपने माता-पिता व संबंधियों से तो मिलने जाएगा ही या खुद उसके सम्बन्धी उसके सम्पर्क में आ सकते हैं. यह असंभव है कि सभी सड़कों व जगहों को पूरी तरह से बंद किया जाए.

इस तरह से रोक सकते हैं फैलने से

जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर लॉरेंस ओ गोस्टिन के अनुसार कठोर लॉकडाउन कभी भी अच्छा साबित नहीं होगा. हालांकि कुछ व कदम हैं जिससे कोरोना वायरस को महामारी बनने से रोका जा सकता है. उनका बोलना कि मरीजों को प्रोत्साहित किया जाए वह भीड़भाड़ से दूर रहें. वह कम बाहर निकले व दूसरों से एक दूरी बनाकर रखें तो वायरस को फैलने का मौका नहीं मिलेगा. शोधकर्ताओं का दावा है अगर आम जनता अपनी आवाजाही पर लगाम लगाए तो इस महामारी से पूरी तरह से निपटा जा सकता है.