अंतर्राष्ट्रीय

इजरायल और हमास के बीच युद्ध ने ऐसी स्थिति कर दी पैदा , बिगड़ेंगे आर्थिक हालात

बैंकॉक: अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था अभी कोविड-19 महामारी की मार से उबर भी नहीं पाई थी कि यूक्रेन पर रूस के हमले ने उसकी कमर तोड़ दी अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने मंगलवार को बोला कि अब इजरायल और हमास के बीच युद्ध ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जहां अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पस्त हो जाएगी आईएमएफ ने बोला कि 2024 में विश्व आर्थिक विकास रेट घटकर 2.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो इस वर्ष 3 प्रतिशत रहने का अनुमान था आईएमएफ ने जुलाई में विश्व आर्थिक विकास रेट 3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है

आईएमएफ ने बोला कि वर्ष 2020 में जब दुनिया विध्वंसक कोविड-19 महामारी की मंदी से बाहर भी नहीं निकली थी, रूस और यूक्रेन के बाद अब मध्य-पूर्व में इजराइल और हमास के बीच युद्ध छिड़ गया है, जिसकी वजह खासतौर पर कच्चे ऑयल की कीमतों में उछाल का डर काम कर रहा है

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने बोला कि कोविड-19 महामारी और यूक्रेन पर रूस के आक्रमण सहित पिछले झटकों की एक श्रृंखला के कारण, पिछले तीन सालों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक उत्पादन में कोरोना-पूर्व प्रवृत्ति की तुलना में 3.7 ट्रिलियन अमेरिकी $ की गिरावट आई है

अमेरिका की आर्थिक विकास रेट को लेकर आईएमएफ ने बोला कि इस वर्ष इसकी विकास रेट 2.1 प्रतिशत और 2024 में 1.5 प्रतिशत रहने की आसार है कच्चे ऑयल की ऊंची कीमतों का असर यूरोप और अन्य राष्ट्रों की तुलना में अमेरिका पर कम होगा आईएमएफ के अनुसार 20 राष्ट्रों के यूरोजोन की विकास रेट इस वर्ष 0.7 प्रतिशत और 2024 में 1.2 प्रतिशत रहने की आसार है आईएमएफ ने 2024 में 1.1 फीसदी तक धीमी होने से पहले इस वर्ष रूस की आर्थिक वृद्धि 2.2 फीसदी बढ़ने का संभावना व्यक्त किया है इसी तरह, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन की वृद्धि रेट इस वर्ष 5 फीसदी और 2024 में 4.2 फीसदी रहने का अनुमान है, जो पिछले अनुमान से क्रमशः 0.2 फीसदी और 0.3 फीसदी कम है

आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे ओलिवर गौरींचस ने मोरक्को में बोला कि अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था चल नहीं रही है, बल्कि स्थिर हो रही है आईएमएफ के अनुमान के मुताबिक, इस वर्ष आर्थिक वृद्धि 3 प्रतिशत रहने की आशा है, जो 2022 में 3.5 प्रतिशत थी हालाँकि, आईएमएफ ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक वृद्धि पर अपने जुलाई के अनुमान में कोई परिवर्तन नहीं किया

गौरींचास ने बोला कि गाजा में इजराइल और हमास के बीच युद्ध अभी तीन दिन पुराना है, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विकास पर युद्ध के असर का आकलन करना जल्दबाजी होगी

हालांकि, आईएमएफ स्थिति पर नजर रख रहा है और उसका मानना ​​है कि युद्ध के कारण पिछले कुछ दिनों में कच्चे ऑयल की कीमतों में चार प्रतिशत का उछाल आया है यदि कच्चे ऑयल की मूल्य 10 फीसदी बढ़ती है, तो अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विकास में 0.15 फीसदी की कमी होगी और अंतरराष्ट्रीय मुद्रास्फीति 0.4 फीसदी तक बढ़ सकती है हालाँकि, उन्होंने इस आकलन को इस स्तर पर बहुत शीघ्र बताया

उन्होंने बोला कि कच्चे ऑयल की आपूर्ति पर युद्ध का असर सीमित हो सकता है क्योंकि हमास को सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और इराक जैसे प्रमुख कच्चे ऑयल उत्पादक राष्ट्रों से समर्थन नहीं मिला आईएमएफ ने बोला कि अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता मुद्रास्फीति 2022 में 8.7 फीसदी से घटकर इस साल 6.9 फीसदी और 2024 में 5.8 फीसदी होने की आसार है

 

मुंबई: तरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चालू वित्त साल के लिए हिंदुस्तान की आर्थिक वृद्धि का अनुमान बीस आधार अंक बढ़ाकर 6.30 फीसदी कर दिया है, यह कहते हुए कि अप्रैल-जून तिमाही में हिंदुस्तान में उपभोग व्यय आशा से अधिक मजबूत था

फंड की रिपोर्ट में बोला गया है कि हिंदुस्तान में विकास मजबूत दिख रहा है चालू वित्त साल के लिए जीडीपी अनुमान को बढ़ाकर 6.30 प्रतिशत कर दिया गया है और अगले वित्त साल के लिए भी अनुमान 6.30 प्रतिशत है

इससे पहले विश्व बैंक ने भी हिंदुस्तान की आर्थिक वृद्धि रेट 6.30 प्रतिशत रहने का संभावना व्यक्त किया था हालांकि, राष्ट्र के वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक ने आर्थिक विकास रेट 6.50 प्रतिशत रहने की आशा जताई है महंगाई के संबंध में फंड ने बोला है कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति मुद्रास्फीति लक्ष्य हासिल करने के पक्ष में रही है

रिपोर्ट में यह भी बोला गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां अभी भी कोरोना-पूर्व के स्तर से कम हो रही हैं, खासकर उभरते बाजारों और विकासशील राष्ट्रों में, और विभिन्न क्षेत्रों के बीच अंतर बढ़ रहा है

Related Articles

Back to top button